
मेरठ में एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का सख्त एक्शन देखने को मिला है. दरअसल एक मामले में लापरवाही बरतने पर मेडिकल थाने के इंस्पेक्टर शीलेश कुमार को देर रात सस्पेंड कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि व्यापारी के साथ मारपीट गाली गलौज और सड़क पर नाक रगड़वाकर माफी मांगने के मामले में कार्रवाई ना किए जाने का इंस्पेक्टर को दोषी पाते हुए ये कार्रवाई की गई है. दूसरी तरफ इस मामले के मुख्य आरोपी विकुल ने भी एक वीडियो जारी कर अपना बयान देते हुए ये साफ कर दिया है कि इंस्पेक्टर ने कानून के अनुसार नहीं बल्कि आरोपी के कहने पर ऐसा किया था. मुख्य आरोपी विकुल ने अपने वीडियो में कहा है कि "उसने ही इंस्पेक्टर से कहकर मुकदमे की कार्रवाई रुकवाई थी." इस वीडियो के सामने आने के बाद एसएसपी ने एसपी सिटी की रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया।
19 अक्टूबर को निलंबित भाजपा नेता ने की करतूत
मिली जानकारी के अनुसार 19 अक्टूबर की रात व्यापारी सत्यम रस्तोगी के साथ तेजगढ़ी पर निलंबित भाजपा नेता विकुल चपराणा और उसके साथियों ने मारपीट की वारदात को अंजाम दिया. इस दौरान आरोपियों ने सत्यम रस्तोगी से सड़क पर नाक रगड़वाकर माफी मंगवाई थी. इस मामले में घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची थी. इसके बावजूद मेडिकल पुलिस द्वारा प्रारंभिक सूचना के आधार पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया और न ही लिखापढ़ी की गई. वहीं वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामला ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए.
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एसपी सिटी की जांच के आधार पर हुई कार्रवाई
वहीं इस मामले को लेकर पुलिस की भूमिका और पूरे घटनाक्रम पर एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को जांच सौंप दी गई थी. इस मामले की प्रारंभिक जांच के दौरान मेडिकल थाना इंस्पेक्टर शीलेश कुमार की लापरवाही पाई गई. इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी मेरठ डॉ. विपिन ताडा ने इंस्पेक्टर शीलेश कुमार को सस्पेंड कर दिया है. साथ ही उनके खिलाफ जांच भी शुरू कर दी है.
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि मेडिकल में व्यापारी से मारपीट के मामले में इंस्पेक्टर शीलेश कुमार ने समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की. इसी के चलते दोषी पाते हुए इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया है.