
मेरठ के कंकरखेड़ा इलाके में एक 12वीं कक्षा का छात्र ऑनलाइन गेम्स खेलने का इतना आदी हो गया था कि उसने अपने ही घर से चोरी कर ली। गेम्स पर पैसा खर्च होने की वजह से वो कर्ज में फंसा था। चोरी की बात छिपाने के लिए उसने झूठी लूट की कहानी बनाई और अपने ही हाथ पर चाकू से वार कर लिया।
किशोर ने पुलिस को बताया कि दो नकाबपोश बदमाश छत के रास्ते उसके घर में घुसे, उन्होंने घर में रखे पैसे और गहने चुरा लिए। उसने बताया कि बदमाशों ने उसे भी चाकू से घायल किया और धमकाया। इस बात की सूचना पुलिस को भी दी गई।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखे गए और घटनास्थल की पूरी जांच की गई। जांच के दौरान किशोर की बातों में विरोधाभास दिखने लगे। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो किशोर टूट गया और सच मान लिया।
किशोर ने पुलिस को बताया कि वो ऑनलाइन गेम्स पर इतना खर्च कर चुका है कि अब घर की अलमारी से पैसे निकाल कर खर्च कर रहा था। कुल 35,000 रुपये की चोरी की गई रकम में से लगभग 20,000 रुपये गेम्स पर खर्च हो चुके थे। डर के कारण उसने लूट की झूठी कहानी गढ़ी।
किशोर ने चोरी किए गए गहने भी वापस कर दिए हैं। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से भी बात की। किशोर के माता-पिता ने बेटे के लिए माफी और कोई कार्रवाई न करने की गुहार लगाई है।
ये घटना इस बात की चेतावनी भी है कि ऑनलाइन गेम्स की लत किशोरों को अपराध की ओर भी ले जा सकती है। माता-पिता और समाज को ऐसे मामलों पर ध्यान देना होगा और बच्चों को सही मार्गदर्शन देना होगा।