Meerut University : शनिवार को जब मेरठ में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) में एमए होम साइंस के प्रथम सेमेस्टर के नतीजे घोषित किए गए, तो कई छात्र यह जानकर हैरान रह गए कि उन्हें अधिकतम सीमा से ज़्यादा अंक दिए गए हैं. फ़ूड साइंस की प्रैक्टिकल परीक्षा में एक छात्र ने 70 में से 78 अंक प्राप्त किए, जबकि दूसरे को 70 में से 80 अंक दिए गए, ये आंकड़े अकादमिक तर्क को चुनौती देते हैं. विचित्र नतीजों के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों ने सोमवार को परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपकर अनियमितताओं की जांच की मांग की. एबीवीपी के राज्य संयोजक ध्रुव गोस्वामी ने कहा, "एक छात्र बतूल जैदी ने एक्सटर्नल प्रैक्टिकल (अधिकतम 70) में 78 और इंटरनल असेसमेंट (अधिकतम 30) में 24 अंक प्राप्त करके 100 में से 102 अंक प्राप्त किए. एक अन्य छात्र रहतनुमा को भी एक्सटर्नल पेपर में 78 अंक मिले. अन्य छात्रों को 79, 80, 76 और 75 अंक मिले - सभी को 70 में से.
क्या बोले जिम्मेदार
गोस्वामी ने कहा कि पाठ्यक्रम के प्रत्येक छात्र को आंतरिक मूल्यांकन में 30 में से 24 अंक मिले थे, जो "बढ़ा-चढ़ाकर दी गई या गलत ग्रेडिंग की ओर इशारा करता है. इसके अलावा, छात्र नेता शान मोहम्मद ने भी रविवार को कुलपति के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें अनियमितताओं की तत्काल जांच की मांग की गई थी. कार्यवाहक परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर भूपेंद्र राणा ने बढ़े हुए अंकों को "तकनीकी समस्या" बताया. उन्होंने कहा, "आज सभी अंकों को ठीक कर दिया गया और नए अंक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं. मूल्यांकनकर्ता ने सोचा कि प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए अधिकतम अंक 100 थे, जिससे गलत कुल अंक आ गए.
लगातार विवादों के घेरे में यूनिवर्सिटी
एक सप्ताह के भीतर विश्वविद्यालय में यह दूसरा विवाद है. शुक्रवार को कैलाश प्रकाश छात्रावास के वार्डन को हटा दिया गया था, क्योंकि छात्रों ने आरोप लगाया था कि उसने फर्श पर पानी छिड़कने और दो लोगों के लिए बने कमरे में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने के कारण 20-25 छात्रावासियों की पिटाई की थी.