मेरठ चर्चित हत्या कांडः मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला अदालत ने बुधवार को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इससे पहले 30 सितंबर को अदालत ने दोनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी ठहराया था। कोर्ट ने अपराध को बेहद गंभीर बताते हुए सख्त सजा सुनाई। हत्या के मामले में 50 हजार रुपये और साक्ष्य छिपाने के मामले में 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। साक्ष्य मिटाने से संबंधित धारा में सात साल की सजा भी सुनाई गई है।
अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए सुनाया फैसला
बुधवार को मुस्कान और साहिल की अदालत में वर्चुअल माध्यम से पेशी हुई। वादी पक्ष के अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह ने बताया कि उन्होंने अदालत के सामने दलील दी थी कि यह घटना अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि सोच-समझकर की गई हत्या थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक मामले का हवाला देते हुए दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। अदालत ने अपने फैसले में अपराध की गंभीरता और समाज पर उसके प्रभाव का उल्लेख किया। सजा सुनाए जाने के दौरान सौरभ की मां रेनू देवी और भाई बबलू भी मौजूद रहे।
सौरभ की मां बोलीं- हमें इंसाफ मिल गया
फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी ने संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें इंसाफ मिल गया है। उन्होंने कहा कि दोनों दोषियों को मौत की सजा मिलने से उन्हें संतुष्टि मिली है। साथ ही उन्होंने मामले में पैरवी करने वाले वकीलों और सहयोग करने वाले लोगों का आभार जताया। वादी पक्ष के अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह ने भी अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए इसे जनभावनाओं से जुड़ा निर्णय बताया। अधिवक्ता दीप्ति चौधरी ने भी सजा को अपराध की गंभीरता के अनुरूप बताया।
#WATCH मेरठ, उत्तर प्रदेश: एडवोकेट किशन कुमार दुबे ने कहा, "अदालत में आज मुस्कान और साहिल को उनके अपराध के लिए मृत्यु दंड की सजा दी गई है..." https://t.co/6VI4uwQSsF
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 14, 2026
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मार्च 2025 में हुई थी सौरभ राजपूत की हत्या
यह मामला मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मार्च 2025 में मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या की थी। आरोप है कि वारदात के बाद शव को टुकड़ों में काटकर सीमेंट के घोल के साथ नीले ड्रम में छिपाया गया। इसके बाद दोनों हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 अहम गवाह पेश किए। अदालत ने दोनों को हत्या के साथ साक्ष्य मिटाने और छिपाने का भी दोषी माना।
फैसले के बाद अधिवक्ताओं ने बांटी मिठाई
सजा सुनाए जाने के बाद कुछ युवा अधिवक्ताओं ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए मिठाई बांटी। वादी पक्ष के वकीलों ने कहा कि इस निर्णय से गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा। वहीं, मामले में मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। दोषियों को मिली सजा के खिलाफ अपील की जा सकती है और अंतिम निर्णय उच्च न्यायालयों में होने वाली सुनवाई पर निर्भर करेगा।