भारतीय वायु सेना के एयर वाइस मार्शल एसके तालियान और रॉयल एयर फोर्स ऑफ ओमान के एयर कमोडोर खालिद मोहम्मद अब्दुल्ला अल अबरी ने शुक्रवार को दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। इसमें इंटरऑपरेबिलिटी, संयुक्त प्रशिक्षण और पेशेवर आदान-प्रदान को मजबूत करने पर बात हुई।
11वीं एयर स्टाफ बातचीत
भारतीय वायु सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि भारत और ओमान की वायु सेनाओं के बीच 11वीं एयर स्टाफ बातचीत 1 से 2 जुलाई के बीच ओमान के मस्कट में हुई। इस बातचीत की सह-अध्यक्षता एयर वाइस मार्शल एसके तलियान और रॉयल एयर फोर्स ऑफ ओमान के एयर कमोडोर खालिद मोहम्मद अब्दुल्ला अल अबरी ने की।
रक्षा संबंधों को मजबूत करना है
इन चर्चाओं में दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने, संयुक्त ट्रेनिंग बढ़ाने और एक-दूसरे के साथ प्रोफेशनल एक्सचेंज को बेहतर बनाने पर फोकस किया गया। इसका मकसद दोनों देशों के रक्षा संबंधों को मजबूत करना और साझा राष्ट्रीय लक्ष्यों को आगे बढ़ाना है।
रक्षा सहयोग की प्रगति के बारे में जानकारी दी
इस दौरान भारतीय वायु सेना के प्रतिनिधिमंडल ने ओमान की वायु सेना की आधुनिक ट्रेनिंग और मेंटेनेंस सुविधाओं का भी दौरा किया। गुरुवार को एयर वाइस मार्शल तालियान ने भारत के ओमान में राजदूत प्रशांत पिसे से भी मुलाकात की और भारत-ओमान रक्षा सहयोग की प्रगति के बारे में जानकारी दी। भारतीय दूतावास ने 'एक्स' पर बताया कि एयर वाइस मार्शल संजीव कुमार तालियान, जो भारतीय वायु सेना में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (इंटरनेशनल डिफेंस कोऑपरेशन) हैं, ने राजदूत से बातचीत की और भारत-ओमान रक्षा सहयोग की प्रगति पर चर्चा की।
रणनीतिक रिश्तों का एक अहम हिस्सा
दूतावास के अनुसार, ओमान खाड़ी क्षेत्र में भारत का सबसे करीबी रक्षा साझेदार है और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग उनके रणनीतिक रिश्तों का एक अहम हिस्सा बन चुका है। ओमान वह पहला खाड़ी देश है जिसके साथ भारत की तीनों सेनाएं संयुक्त अभ्यास करती हैं। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भी मिलकर काम किया है।