मेघालय पुलिस ने 'ऑपरेशन हनीमून' नामक एक बेहद सुनियोजित जांच में एक हत्याकांड की परतें खोलीं, जिसमें प्रमुख आरोपी राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी ही है। यह हत्या उस हनीमून ट्रिप के दौरान हुई, जिसे सोनम ने खुद योजना बनाई थी। पुलिस ने सोनम और उसके साथी आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए हैं, जिनकी वजह से हत्या की सच्चाई सामने आई। इस ऑपरेशन में कुल 120 पुलिसकर्मियों की टीम और 20 विशेषज्ञ अफसर शामिल थे। चलिए, इस घातक हत्या की पूरी कहानी और उसकी जांच प्रक्रिया पर नज़र डालते हैं।
ऑपरेशन हनीमून की पटकथा
'ऑपरेशन हनीमून' में शामिल 120 पुलिसकर्मियों की टीम ने 7 जून को विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की, जिससे हत्याकांड के मुख्य आरोपियों के बारे में चौंकाने वाली जानकारी मिली। मुख्य आरोपी सोनम ने खुद ही इस पूरी हत्या की साजिश रची थी। उसके साथियों के साथ किए गए सीसीटीवी फुटेज और ट्रैवल डायरी ने कई महत्वपूर्ण सुराग दिए।
सोनम और आरोपी का करीबी रिश्ता
सोनम की हत्या के मुख्य आरोपियों के साथ पहले से जान पहचान थी। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि सोनम और उसके साथी घटना के 10 किलोमीटर पहले तक एक साथ थे और पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कई पुख्ता साक्ष्य मिले, जैसे कि खून से सनी शर्ट, रेनकोट और घटना स्थल के नजदीक से मिले सुराग।
पुलिस ने कैसे किया आरोपियों का पर्दाफाश
पुलिस ने हत्या के बाद आरोपियों के खिलाफ फॉरेंसिक सबूत जुटाए, जिसमें आकाश की खून से सनी शर्ट और आनंद कुर्मी के कपड़े शामिल थे। इसके अतिरिक्त, हत्या के बाद आरोपियों का 11 किलोमीटर दूर एक साथ मिलना, हत्या के पीछे की साजिश को स्पष्ट करता है। इस साजिश का मकसद राजा को रास्ते से हटाना और सोनम को राज के साथ जीवन जीने का मौका देना था।
सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाया संदेह
हत्या के तुरंत बाद राजा के अकाउंट से पोस्ट किया गया एक संदेश, "सात जन्मों का साथ है", ने पुलिस के संदेह को सही साबित कर दिया। यह पोस्ट सोनम ने खुद किया था, जो हत्या के बाद संदेह का मुख्य कारण बना।