मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे एशेज 2025-26 के चौथे टेस्ट की पिच ने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। इस टेस्ट में अब तक जो खेल देखने को मिला, उसने बल्लेबाजी की परीक्षा को बेहद कठिन बना दिया। तेज गेंदबाजों को असाधारण मदद मिली और इसका नतीजा यह रहा कि तीन पारियां महज पांच सेशन में सिमट गईं। किसी भी टीम का स्कोर 200 रन तक नहीं पहुंच सका और हैरानी की बात यह रही कि एक भी अर्धशतक नहीं लगा। पहले दिन ऑस्ट्रेलिया 152 रन पर ऑलआउट हो गई, जवाब में इंग्लैंड सिर्फ 110 रन बना सकी। यह आंकड़े खुद बता रहे हैं कि रन बनाना कितना मुश्किल रहा।
तेज गेंदबाजों का रहा दबदबा
दूसरे दिन भी हालात नहीं बदले और ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 132 रन पर खत्म हो गई। इंग्लैंड को जीत के लिए 175 रन का लक्ष्य मिला, लेकिन पिच का मिजाज देखकर यह लक्ष्य भी आसान नहीं माना जा रहा। गेंद लगातार सीम कर रही है और बल्लेबाजों को टिककर खेलने का मौका ही नहीं मिल रहा। मुकाबले में अब तक 98 ओवरों में 26 विकेट गिर चुके हैं, जो टेस्ट क्रिकेट के लिहाज से बेहद असामान्य है। इस वजह से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मैच का नतीजा तीसरे दिन से पहले ही निकल सकता है, जो एक बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए चौंकाने वाली बात होगी।
पिच को लेकर उठे बड़े सवाल
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने इस पिच को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे मजाक करार देते हुए कहा कि ऐसी पिच खेल की अवधि को छोटा कर रही है। वॉन का मानना है कि इससे खिलाड़ियों, ब्रॉडकास्टर्स और सबसे ज्यादा फैंस के साथ नाइंसाफी हो रही है। उनके मुताबिक जब इतने कम ओवरों में इतने विकेट गिरें, तो यह टेस्ट क्रिकेट की भावना के खिलाफ जाता है। वॉन की टिप्पणी के बाद पिच की गुणवत्ता को लेकर बहस और तेज हो गई है।
घास की मोटी परत बनी वजह
जानकारों का कहना है कि इस बार मेलबर्न की पिच पर करीब 10 मिलीमीटर घास छोड़ी गई है, जो सामान्य से कहीं ज्यादा है। पिछले साल इसी मैदान पर भारत के खिलाफ टेस्ट में घास की मात्रा करीब 7 मिलीमीटर थी और वह मुकाबला पांचवें दिन तक रोमांचक चला था। ज्यादा घास की वजह से गेंद सीम मूवमेंट कर रही है और बल्लेबाजों के लिए टिकना बेहद मुश्किल हो गया है। इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी केविन पीटरसन ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पहले दिन विकेट गिरने पर भारत की पिचों की आलोचना होती है, तो ऑस्ट्रेलिया की पिच की भी उसी तरह जांच होनी चाहिए। कुल मिलाकर मेलबर्न की यह पिच एशेज से ज्यादा विवादों की वजह बनती नजर आ रही है।