प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को एक खास ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा शुरू हो गई। मेलोनी ने भी इस उपहार को लेकर प्रतिक्रिया दी और धन्यवाद जताया। इसके बाद इंटरनेट पर ‘मेलोडी’ नाम अचानक ट्रेंड करने लगा और इसका असर शेयर बाजार तक पहुंच गया।
नाम ने किया बड़ा खेल
दिलचस्प बात यह रही कि मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है। लेकिन नाम की समानता के कारण निवेशकों की नजर दूसरी कंपनी पर चली गई। बाजार में ‘पारले इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ नाम के शेयर में अचानक खरीदारी बढ़ गई और देखते ही देखते उसमें तेजी दर्ज होने लगी।
5 रुपये वाला शेयर चर्चा में
पारले इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक कम कीमत वाला शेयर माना जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक मेलोडी चर्चा के बाद इसमें तेजी आई और शेयर ऊपरी सर्किट तक पहुंच गया। इसका भाव लगभग 5 रुपये से बढ़कर 5.25 रुपये तक पहुंचा। छोटी कंपनी होने के बावजूद अचानक आई तेजी ने बाजार में नई चर्चा छेड़ दी।
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असल में करती क्या है कंपनी
सबसे अहम बात यह है कि पारले इंडस्ट्रीज और पारले प्रोडक्ट्स दोनों अलग-अलग कंपनियां हैं। पारले इंडस्ट्रीज इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट क्षेत्र में काम करती है। जबकि मेलोडी, पारले-जी और दूसरे प्रसिद्ध उत्पाद पारले प्रोडक्ट्स बनाती है। नाम समान होने के कारण कई लोग दोनों को एक ही कंपनी समझ बैठे।
पेनी शेयरों में बढ़ता जोखिम
शेयर बाजार में ऐसे मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, जहां किसी नाम या खबर की वजह से अचानक छोटी कंपनियों के शेयरों में तेजी आ जाती है। कई बार निवेशक केवल चर्चा देखकर निवेश कर देते हैं और बाद में जोखिम का सामना करना पड़ता है। ऐसे शेयरों में उतार-चढ़ाव काफी तेज माना जाता है।
निवेशकों के लिए बड़ा संकेत
विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं कि किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के कारोबार और उसकी वास्तविक स्थिति को समझना जरूरी होता है। केवल नाम या सोशल मीडिया चर्चा के आधार पर फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है। इस मामले ने एक बार फिर दिखाया कि बाजार में खबर और धारणा कितनी तेजी से असर डाल सकती है।