नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक में शहर के लिए सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। बोर्ड ने स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) नई दिल्ली अथवा आईआईटी रुड़की से प्रस्तुतीकरण कराकर सलाहकार एजेंसी के चयन की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी। साथ ही, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के फ्लैट्स में सब्सीक्वेंट मेंबर्स के पक्ष में त्रिपक्षीय सब-लीज दस्तावेज रजिस्ट्री न होने की समस्या के समाधान के लिए अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अध्यक्षता में 8 सदस्यीय समिति गठित करने को भी अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त उत्तर प्रदेश एवं प्राधिकरण अध्यक्ष दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई, जिसमें मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ लोकेश एम., यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह तथा ग्रेटर नोएडा के अपर सीईओ सुनिल कुमार सिंह ने भाग लिया।
बोर्ड के अन्य प्रमुख निर्णय
1.ड्रेनेज सिस्टम के सुधार एवं शोधन के लिए पर्यावरण मानक पूरे करने वाली एवं लागत प्रभावी एसटीपी प्रणाली चुनने हेतु ई-टेंडर के माध्यम से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आमंत्रित करने और चुनी गई संस्था से 5 वर्षों तक संचालन-अनुरक्षण कराने की मंजूरी दी गई।
2.कृषक कोटे की आवासीय भूखंड योजना 2011-1 (संशोधित 2016) के शेष भूखंडों का ड्रॉ से आवंटन करने के लिए तीनों प्राधिकरणों (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना) के अपर सीईओ स्तर की समिति गठन को स्वीकृति दी गई।
3.सेक्टर-150 की स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में सशर्त अधिभोग प्रमाण पत्र जारी करने को देख गया तथा आगे की कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
4.यूनिफाइड रेगुलेशंस 2025 के वाणिज्यिक, संस्थागत एवं औद्योगिक प्रावधानों में आंशिक संशोधन को मंजूरी दी गई।
5.रुकी हुई पुरानी रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए शासन की जीरो पीरियड पॉलिसी के तहत 57 में से 36 प्रोजेक्ट्स ने लाभ लिया, जिससे ₹872.12 करोड़ जमा हुए और 6855 फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हुआ। अब तक 4134 रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। बोर्ड ने शेष रजिस्ट्रियां शीघ्र पूरी करने के सख्त निर्देश दिए।