फुटबॉल प्रेमियों के लिए भारत में लियोनल मेसी का आना किसी सपने से कम नहीं था। 14 साल बाद भारत पहुंचे मेसी शनिवार को कोलकाता पहुंचे और सॉल्ट लेक स्टेडियम का दौरा किया। हजारों फैंस उन्हें देखने के लिए स्टेडियम में जमा थे। हाथों में अर्जेंटीना की जर्सी, मुंह पर मेसी का नाम और आंखों में उम्मीद कि आज अपने हीरो को करीब से देख पाएंगे। मेसी ने स्टेडियम में लैप ऑफ ऑनर किया और दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। लेकिन यही खुशी कुछ ही मिनटों में निराशा में बदल गई।
जल्दी विदाई से भड़के प्रशंसक
स्टेडियम में मौजूद फैंस का कहना है कि मेसी सिर्फ करीब 10 मिनट के लिए ही अंदर रहे। न कोई किक, न पेनल्टी शूट, न ही वह दृश्य जिसका वादा किया गया था। कार्यक्रम का समय पहले से तय था, लेकिन मेसी जल्दी स्टेडियम से निकल गए। जैसे ही यह साफ हुआ कि अब मेसी वापस नहीं आएंगे, माहौल बदल गया। नारों की जगह नाराजगी ने ले ली। कई फैंस ने आरोप लगाया कि उन्हें महंगे टिकट बेचकर सिर्फ झलक दिखाने का खेल खेला गया।
गुस्सा सड़कों तक पहुंचा, स्टेडियम में हंगामा
मेसी के निकलते ही सॉल्ट लेक स्टेडियम में हंगामा शुरू हो गया। गुस्साए फैंस ने कुर्सियां और बोतलें फेंकी, कुछ जगहों पर तोड़फोड़ भी हुई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिखा कि लोग बेहद नाराज थे। एक फैन ने कहा कि उन्होंने 12 हजार रुपये का टिकट खरीदा, लेकिन मेसी का चेहरा तक ठीक से नहीं देख पाए। किसी ने कहा कि नेता और अभिनेता मेसी के चारों ओर थे, आम फैंस पीछे छूट गए। बच्चों और परिवारों के साथ आए लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे थे।
#WATCH | कोलकाता: पश्चिम बंगाल: स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने सॉल्ट लेक स्टेडियम में अपने फैंस का अभिवादन किया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 13, 2025
यहां एक फ्रेंडली मैच और सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।#Messi𓃵 #MessiInIndia
(वीडियो सोर्स: डीडी स्पोर्ट्स) pic.twitter.com/UzrPZWvirL
हैदराबाद रवाना मेसी, आयोजकों पर सवाल
हंगामे के बाद मेसी एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए और अब हैदराबाद में होने वाले एग्जीबिशन मैच की तैयारी में हैं। उनके साथ लुईस सुआरेज और रोड्रिगो डी पॉल भी मौजूद थे। लेकिन कोलकाता की इस घटना ने आयोजकों और प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फैंस पूछ रहे हैं कि जब इतना बड़ा आयोजन था, तो भीड़ और समय प्रबंधन क्यों कमजोर रहा। मेसी का जादू तो चला, लेकिन कोलकाता में यह दौरा खुशी से ज्यादा नाराजगी की याद छोड़ गया।