राजधानी भोपाल के लोगों को जल्द ही मेट्रो की सौगात मिलने जा रही है। सितंबर 2025 में मेट्रो का पहला रूट सुभाष नगर से एम्स तक शुरू किया जाएगा। इस हाईटेक परिवहन सेवा का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में समीक्षा बैठक में साफ कहा कि मेट्रो प्रोजेक्ट में किसी भी तरह की देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो अधिकारी या एजेंसी काम में लापरवाही दिखाएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जून में होगी तकनीकी जांच, सितंबर से मिल सकती है सौगात
भोपाल मेट्रो के ट्रैक की तकनीकी जांच के लिए आरडीएसओ (RDSO) के विशेषज्ञ जून में पहुंचेंगे। यह टीम ट्रैक, सिस्टम और ट्रेन संचालन की जांच करेगी। जांच के बाद अगर कोई खामी पाई जाती है, तो उसे सुधारकर जुलाई अंत तक मेट्रो सेफ्टी कमिश्नर को रिपोर्ट भेजी जाएगी। यदि सब कुछ तय मानकों के अनुरूप मिला, तो भोपाल को सितंबर के पहले हफ्ते में मेट्रो की सुविधा मिल सकती है।
जानिए भोपाल मेट्रो का स्वरूप
भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट को नवंबर 2018 में मंजूरी दी गई थी। इसका कुल रूट करीब 30 किलोमीटर लंबा है जिसमें 30 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से 2 स्टेशन भूमिगत होंगे। मेट्रो प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 10,033 करोड़ रुपए है। शुरुआत में तीन कोच वाली 27 ट्रेनें चलेंगी, भविष्य में इसे बढ़ाकर 6 कोच तक किया जाएगा।
कहां से कहां तक चलेगी मेट्रो?
भोपाल मेट्रो की दो लाइनें होंगी:
ऑरेंज लाइन: करोंद चौराहा से एम्स साकेत नगर तक
ब्लू लाइन: भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा तक
इसका मुख्य मेट्रो डिपो सुभाष नगर में तैयार किया गया है, जहां से संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाई जाएगी।
सीएम ने दिए कड़े निर्देश
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ निर्देश दिए कि मेट्रो प्रोजेक्ट में जो भी अधिकारी या एजेंसी बाधा डालेगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो राजधानी के विकास का प्रतीक है और अब इसमें कोई कोताही नहीं चलेगी।