Microplastics Heart Attack Risk: प्लास्टिक आधुनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन अब इसके बेहद सूक्ष्म कण माइक्रोप्लास्टिक मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे के रूप में उभर रहे हैं। जी हां माइक्रोप्लास्टिक को लेकर की गई एक नई स्टडी ने चिंता बढ़ा दी है। रिसर्च के मुताबिक, ये बेहद छोटे प्लास्टिक कण शरीर की आर्टरीज में जमा होकर हार्ट की बीमारी का खतरा बढ़ा सकते हैं। यह प्रभाव विशेष रूप से पुरुषों में अधिक स्पष्ट पाया गया है।
क्या आया स्टडी में
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, रिवरसाइड (यूसीआर) के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए नए शोध से पता चला है कि माइक्रोप्लास्टिक धमनियों में सूजन और प्लाक बनने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं, जिससे खासतौर से पुरुषों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ता है। इस स्टडी के राइटर चांगचेंग झोउ के मुताबिक, यह स्टडी अब तक के सबसे मजबूत सबूतों में से एक है, जो दिखाता है कि माइक्रोप्लास्टिक सिर्फ हार्ट की बीमारी से जुड़े नहीं हैं, बल्कि उसे सीधे बढ़ा भी सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्टडी में पुरुषों और महिलाओं के बीच असर का फर्क चौंकाने वाला रहा।
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किस पर की गई स्टडी?
यूसीआर के वैज्ञानिकों ने ऐसे चूहों पर प्रयोग किया, जिनमें जनैटिक रूप से एथेरोस्क्लेरोसिस यानी आर्टरीज में प्लाक जमने का खतरा था। इसमें नर और मादा दोनों चूहों को कम फैट और कम कोलेस्ट्रॉल वाला खाना दिया गया, जो एक स्वस्थ और फिट इंसान की डाइट जैसा था। लगभग 9 हफ्तों तक इन चूहों को रोजाना माइक्रोप्लास्टिक की एक सीमित मात्रा दी गई, जो इंसानों को भोजन और पानी के जरिए मिलने वाले संभावित स्तर के करीब थी। लेकिन इसके नतीजे बेहद चिंताजनक थे, इस रिसर्च में सामने आया कि न ही चूहों का वजन बढ़ा, न हीं कोलेस्ट्रॉल लेवल में इजाफा हुआ, लेकिन फिर भी उनकी आर्टरीज को नुकसान पहुंचा।
नर और मादा चूहों में दिखा बड़ा फर्क
स्टडी में सबसे बड़ा फर्क नर और मादा चूहों में दिखने को मिला, नर चूहों में दिल के पास स्थित एक प्रमुख धमनी में प्लाक का निर्माण लगभग 63 प्रतिशत तक बढ़ गया। वहीं, मादा चूहों में समान माइक्रोप्लास्टिक संपर्क के बावजूद धमनियों में कोई बड़ा नकारात्मक बदलाव नहीं देखा गया। वहीं, आगे की जांच में पता चला कि माइक्रोप्लास्टिक ने आर्टरीज की सेल्स (एंडोथीलियल सेल्स ) के व्यवहार और संतुलन को बिगाड़ दिया, जो ब्लड वेसल्स की अंदरूनी परत बनाती हैं, यह सेल्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं।