मध्य पूर्व में बढ़ रहे तनाव का असर अब हवाई यात्रा पर भी साफ दिखने लगा है। हालात बिगड़ने की वजह से भारतीय एयरलाइनों की कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। सरकार ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। कई देशों ने एहतियात के तौर पर अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिससे उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ है।
सैकड़ों उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की परेशानी
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार भारतीय एयरलाइनों की कुल 281 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गई हैं। यह फैसला सुरक्षा कारणों से लिया गया है क्योंकि कई उड़ानों के रास्ते मध्य पूर्व के उसी इलाके से होकर गुजरते हैं जहां हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। मंत्रालय ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी फ्लाइट से जुड़ी जानकारी लगातार चेक करते रहें ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
सरकार ने यात्रियों के लिए शुरू की मदद व्यवस्था
सरकार ने यात्रियों की सहायता के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिया है। मंत्रालय के मुताबिक यात्रियों की शिकायतें और सवालों का जवाब देने के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई है। एयरसेवा पोर्टल, सोशल मीडिया और हेल्पलाइन के माध्यम से लगातार यात्रियों की मदद की जा रही है ताकि उन्हें समय पर सही जानकारी मिल सके।
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हजारों शिकायतों का किया गया समाधान
मंत्रालय ने बताया कि अब तक कुल 1461 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। ये शिकायतें हेल्पलाइन कॉल, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दर्ज कराई गई थीं। अधिकारियों का कहना है कि एयरलाइनों और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर यात्रियों की समस्याओं को जल्द से जल्द हल किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर यात्री मंत्रालय की हेल्पलाइन पर भी संपर्क कर सकते हैं।
कुछ शहरों के लिए उड़ान सेवाएं फिर शुरू
इस बीच राहत की बात यह है कि कुछ देशों के ऊपर का हवाई क्षेत्र सुरक्षित माना जा रहा है। इसी वजह से जेद्दा और मस्कट के लिए उड़ान सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं। एयर इंडिया ने जानकारी दी है कि दुबई, मस्कट और रास अल खैमाह के लिए अतिरिक्त विशेष उड़ानों की भी योजना बनाई गई है ताकि फंसे हुए यात्रियों को जल्द घर पहुंचाया जा सके।
मध्य पूर्व संकट से एयरलाइनों पर बढ़ा दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट का असर भारतीय एयरलाइनों पर ज्यादा पड़ सकता है क्योंकि उनकी कई उड़ानें मध्य पूर्व के रास्तों पर निर्भर रहती हैं। दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे शहर अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा के बड़े केंद्र माने जाते हैं। अगर वहां हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे तो आने वाले दिनों में उड़ानों पर और असर पड़ सकता है।