मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब और ज्यादा उग्र होता जा रहा है। यमन के Houthi Movement ने ‘जिहाद युद्ध’ का ऐलान करते हुए Israel पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से बड़े हमले किए हैं। यह कदम Iran और उसके सहयोगियों के साथ समन्वय में उठाया गया बताया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
हूतियों का दूसरा सैन्य अभियान शुरू
हूती विद्रोहियों ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उन्होंने दूसरा सैन्य अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत दक्षिणी फिलिस्तीन क्षेत्र में कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। हूतियों का दावा है कि उनके हमले पूरी तरह योजनाबद्ध थे और उन्होंने अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
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जिहाद युद्ध’ बताकर दी खुली चेतावनी
हूती प्रवक्ता ने इस अभियान को ‘पवित्र जिहाद युद्ध’ का हिस्सा बताया है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक उनके घोषित उद्देश्यों की पूर्ति नहीं हो जाती। इस बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में हमले और तेज हो सकते हैं।
ईरान और हिज्बुल्लाह के साथ तालमेल
हूतियों ने अपने हमलों को Hezbollah और Iran के सैन्य अभियानों के साथ समन्वित बताया है। इससे यह संकेत मिलता है कि यह संघर्ष अब एक संगठित क्षेत्रीय मोर्चे में बदल रहा है, जिसमें कई गुट एक साथ सक्रिय हैं।
बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला
रिपोर्ट के मुताबिक, हूतियों ने बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। इन हमलों का निशाना इजरायल के सैन्य ठिकाने बताए गए हैं। हालांकि नुकसान को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस तरह के हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माने जा रहे हैं।
बढ़ता तनाव और वैश्विक चिंता
इस घटनाक्रम ने मिडिल ईस्ट में पहले से जारी युद्ध को और गंभीर बना दिया है। Red Sea और आसपास के क्षेत्रों में अस्थिरता बढ़ने से वैश्विक व्यापार और सुरक्षा पर भी असर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर हालात जल्द नहीं संभले, तो यह संघर्ष और बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।