मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। Houthi Movement की सीधी एंट्री के साथ जंग तीन मोर्चों तक फैल गई है। Iran, Israel और अब यमन के बीच बढ़ते हमलों ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है। इसका असर सिर्फ क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल सप्लाई पर भी साफ दिखने लगा है।
हूती के हमले से खुला नया मोर्चा
यमन के हूती विद्रोहियों ने पहली बार सीधे इजरायल पर मिसाइल हमला किया है। यह कदम इस युद्ध को और व्यापक बनाता है। अब तक अप्रत्यक्ष रूप से सक्रिय रहे हूती ने अचानक हमला कर यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में संघर्ष और तेज हो सकता है।
इजरायल-लेबनान फ्रंट भी हुआ सक्रिय
इजरायल और Hezbollah के बीच भी तनाव चरम पर है। उत्तरी इजरायल और गोलान हाइट्स में लगातार रॉकेट और ड्रोन हमले हो रहे हैं। जवाब में इजरायल ने लेबनान में कई ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं।
ईरान का जवाबी हमला और क्षेत्रीय विस्तार
Iran लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में हमलों की खबरों ने यह साफ कर दिया है कि यह जंग अब सीमाओं से बाहर निकलकर पूरे क्षेत्र में फैल रही है। ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का जवाब और ज्यादा कड़ा होगा।
समुद्री रास्तों पर मंडराया बड़ा खतरा
दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग Strait of Hormuz पहले से ही प्रभावित है। अब Bab-el-Mandeb Strait पर खतरा बढ़ने से वैश्विक व्यापार पर डबल असर पड़ सकता है। अगर ये रास्ते बाधित होते हैं, तो तेल सप्लाई और शिपिंग लागत दोनों पर भारी असर पड़ेगा।
अमेरिका की बढ़ती सैन्य मौजूदगी
United States ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य तैनाती तेज कर दी है। हजारों सैनिकों की तैनाती और संभावित ऑपरेशन की खबरें इस बात का संकेत हैं कि हालात और गंभीर हो सकते हैं। राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह जंग अब वैश्विक शक्ति संतुलन को भी प्रभावित करने लगी है।