Middle East War: अमेरिका और इजराइल ने ईरान के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री Kamal Kharrazi के घर पर एयर स्ट्राइक कर दी। इस हमले में 81 वर्षीय खराजी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि वे हाल के दिनों में पाकिस्तान के साथ शांति समझौते को लेकर बातचीत में अहम भूमिका निभा रहे थे। ईरान के सरकारी हलकों में इस घटना को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि खराजी लंबे समय से देश की विदेश नीति से जुड़े अहम चेहरों में गिने जाते हैं।
कौन हैं कमाल खराजी
कमाल खराजी को ईरान का अनुभवी कूटनीतिज्ञ माना जाता है। वे 1997 से 2005 तक विदेश मंत्री रह चुके हैं और बाद में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के कार्यालय से जुड़ गए। फिलहाल वे सुप्रीम लीडर के विदेश मामलों के सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे। खराजी की पढ़ाई अमेरिका में हुई और उन्होंने 1975 में ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की थी। लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में सक्रिय रहने के कारण उनका प्रभाव ईरान की विदेश नीति में काफी अहम माना जाता है।
हमले की घटना कैसे हुई
रिपोर्टों के मुताबिक बुधवार को तेहरान के अजौरानियेह इलाके में स्थित खराजी के घर को निशाना बनाकर हमला किया गया। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद ईरान में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। फिलहाल इजराइल या अमेरिका की ओर से इस हमले पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव के बीच इस कार्रवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हमले के पीछे क्या कारण बताया जा रहा है
सूत्रों के अनुसार खराजी ईरान और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता को आगे बढ़ाने में सक्रिय थे। माना जा रहा है कि इसी वजह से वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गए थे। इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने भी हाल में ईरान को लेकर कड़े बयान दिए थे और चेतावनी दी थी कि युद्ध की स्थिति में ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
शांति समझौते की कोशिश कहां तक पहुंची
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए कई देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि चीन, तुर्की, पाकिस्तान और मिस्र के साथ मिलकर Saudi Arabia शांति वार्ता की पहल में भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान इस प्रक्रिया में संदेशवाहक की भूमिका निभा रहा था और खराजी के साथ संपर्क बनाए हुए था। चीन ने भी युद्धविराम और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक पांच सूत्रीय योजना प्रस्तावित की है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और हमलों को रोकने की बात शामिल बताई जा रही है।