Milk Price Hike : गणेशोत्सव से पहले महाराष्ट्र के पुणे जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ ने डेयरी किसानों को बड़ी राहत दी है। संघ ने गाय और भैंस के दूध की खरीद कीमत में 1 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का फैसला लिया है। नई दरें अगले दिन से लागू होंगी, जिससे दूध बेचने वाले किसानों को सीधे फायदा मिलेगा।
क्यों बढ़ाई गई कीमत?
दुग्ध संघ के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में पशु आहार, चारे और परिवहन की लागत लगातार बढ़ी है। बढ़ते खर्चों के कारण डेयरी किसानों का मुनाफा प्रभावित हो रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए खरीद मूल्य बढ़ाने का फैसला लिया गया है ताकि किसानों को बेहतर भुगतान मिल सके।
ग्राहकों को नहीं देना होगा ज्यादा पैसा
इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि दूध के पैकेट खरीदने वाले आम उपभोक्ताओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। डेयरी संघ ने साफ कर दिया है कि खुदरा बिक्री दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। यानी दुकान पर मिलने वाले दूध की कीमत पहले जैसी ही रहेगी।
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खरीद मूल्य और बिक्री मूल्य में अंतर
खरीद मूल्य वह रकम होती है जो डेयरी संघ किसानों से दूध खरीदते समय देता है, जबकि खुदरा मूल्य वह कीमत होती है जिस पर दूध ग्राहकों को बेचा जाता है। इस बार केवल किसानों को मिलने वाली कीमत बढ़ी है। अतिरिक्त 1 रुपये का भार डेयरी संघ खुद वहन करेगा और इसे ग्राहकों पर नहीं डालेगा।
नई दरें क्या होंगी?
कीमत बढ़ने के बाद 3.5 फैट और 8.5 एसएनएफ वाले गाय के दूध का खरीद मूल्य 39.80 रुपये से बढ़कर 40.80 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इससे हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा।
त्योहारों से पहले राहत का फैसला
गणेशोत्सव के दौरान पेड़ा, मोदक, बर्फी और अन्य मिठाइयों की मांग बढ़ने से दूध और मावे की खपत 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। हाल ही में मुंबई में भैंस के दूध की खरीद कीमत में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई थी। ऐसे समय में पुणे की कात्रज डेयरी ने किसानों को राहत देते हुए ग्राहकों का बजट भी सुरक्षित रखने की कोशिश की है।