उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का युवक फेसबुक पर हुई मोहब्बत में पाकिस्तान जा पहुंचा। बिना वीजा सरहद पार करने के आरोप में पाक पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रेमिका से शादी की ख्वाहिश लिए पहुंचा युवक तब टूट गया, जब लड़की ने शादी से इनकार कर दिया। पाकिस्तानी अदालत ने उसे एक साल की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना सुनाया। पिता ने बेटे को छुड़ाने के लिए पाकिस्तान के वकील से मदद ली। अब वकील ने दो महीने में रिहाई का भरोसा दिलाया है।
फेसबुक वाली दोस्ती, जो बनी मुसीबत
अलीगढ़ के खिटकारी गांव का बादल बाबू पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की युवती के प्यार में इतना डूबा कि वह शादी करने के लिए सरहद लांघ गया। दोनों की दोस्ती फेसबुक पर करीब ढाई साल पहले शुरू हुई थी। बातों-बातों में यह रिश्ता प्यार में बदल गया।
बिना वीजा घुसा पाकिस्तान, हुआ गिरफ्तार
27 दिसंबर 2024 को बादल बिना किसी वैध दस्तावेज के सीधे पाकिस्तान के माउंग गांव पहुंच गया। वहां की पुलिस ने उसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसके पास वीजा या पासपोर्ट कुछ भी नहीं था।
प्रेमिका ने कहा- शादी नहीं करनी
इस मामले में बड़ा मोड़ तब आया, जब युवती ने पाक पुलिस को बयान दिया कि वह बादल से शादी नहीं करना चाहती। इसके बाद बादल के खिलाफ विदेशी नागरिक होने और गैरकानूनी तरीके से घुसपैठ का केस दर्ज हुआ।
पिता की उम्मीद बने पाकिस्तानी वकील
बादल के पिता कृपाल सिंह ने बेटे की रिहाई के लिए हर दरवाजा खटखटाया। दिल्ली में एक दोस्त के जरिए संपर्क हुआ कराची के वकील फियाज रामे से। उन्होंने बिना फीस लिए केस लड़ा और बादल को कम से कम सजा दिलाने की कोशिश की।
'एजेंट नहीं, आशिक है' - कोर्ट में पेश किया पक्ष
वकील ने कोर्ट में बताया कि बादल कोई जासूस या अपराधी नहीं, सिर्फ मोहब्बत में सीमा पार कर गया था। कानून में ऐसे मामलों में 10 साल तक की सजा हो सकती है, लेकिन सच्चाई सामने आने पर कोर्ट ने सिर्फ 1 साल की सजा सुनाई।
जल्द रिहाई की उम्मीद
वकील फियाज रामे ने बादल के पिता को वॉयस मैसेज में बताया कि वे सजा कम कराने की अपील करेंगे। उम्मीद है कि दो महीने के भीतर बादल भारत लौट सकेगा। उन्होंने यू-ट्यूब पर भी एक वीडियो शेयर किया जिसमें वह बादल की मां से किया गया वादा निभाने की बात कह रहे हैं।