महाराष्ट्र के कृषि मंत्री और अजित पवार गुट के नेता माणिकराव कोकाटे एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं. मंगलवार को किसानों से जुड़े एक पुराने बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने ऐसा कुछ कह दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया. कोकाटे ने कहा, "सरकार किसानों को एक रुपया नहीं देती, बल्कि उनसे एक रुपया लेती है. सरकार भिखारी है." उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और विपक्ष के साथ-साथ सरकार के भीतर भी आलोचना का कारण बन गया.
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
कोकाटे इससे पहले भी किसानों की तुलना भिखारियों से करने पर आलोचना का सामना कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि, "आजकल तो भिखारी भी एक रुपये की भीख नहीं लेते, लेकिन सरकार किसानों को एक रुपये में फसल बीमा देती है, फिर भी कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल करते हैं." अब उसी बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने सरकार को ही भिखारी कह दिया.
सीएम फडणवीस का पलटवार
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कोकाटे के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा, "अगर उन्होंने ऐसा बयान दिया है तो यह गलत है. किसी मंत्री को इस तरह नहीं बोलना चाहिए. हमने फसल बीमा योजना में कई सुधार किए हैं ताकि इसका असली फायदा किसानों को मिले, बीमा कंपनियों को नहीं. हम हर साल कृषि क्षेत्र में 5,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं."
सुप्रिया सुले और विपक्ष का हमला
एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने भी इस बयान की निंदा की. उन्होंने कहा कि यह बयान राज्य के किसानों और अब तक के मुख्यमंत्रियों की मेहनत का अपमान है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "हम इस अपमान को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे."
‘रमी’ खेलने का वीडियो भी बना मुसीबत
कोकाटे पिछले हफ्ते भी तब विवाद में आए जब उन्हें महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान अपने मोबाइल पर 'जंगल रमी' खेलते हुए देखा गया. एनसीपी विधायक रोहित पवार और जितेंद्र आव्हाड ने इस वीडियो को शेयर किया था. जवाब में कोकाटे ने कहा, "मैं रमी खेलना जानता ही नहीं. वो तो एक गेम अचानक स्क्रीन पर पॉप अप हुआ था, जिसे मैं बंद करने की कोशिश कर रहा था. कोई भी जांच सकता है कि मेरे मोबाइल में कोई रमी गेम है या नहीं."
इस्तीफे की मांग पर दी सफाई
जब उनसे इस्तीफे की मांग पर सवाल पूछा गया तो कोकाटे ने कहा, "मैं क्यों इस्तीफा दूं? क्या मैंने किसी से छेड़छाड़ की है, चोरी की है या कोई गलत फैसला लिया है? मेरी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि भी नहीं है."
फर्ज़ी दस्तावेज़ का मामला
मंत्री कोकाटे पहले से ही कानूनी मुश्किलों में भी फंसे हैं. नासिक की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें और उनके भाई को फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए सरकारी कोटे में फ्लैट पाने का दोषी पाया और दो साल की सजा सुनाई. हालांकि, ज़िला अदालत ने 5 मार्च को उनकी सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है.
कृषि मंत्री कोकाटे एक के बाद एक विवादों में फंसते जा रहे हैं.पहले भिखारी वाला बयान, फिर रमी खेलने का मामला और अब सरकार को ही भिखारी कह देना. इन सभी घटनाओं ने उन्हें विपक्ष और जनता के निशाने पर ला खड़ा किया है. मुख्यमंत्री फडणवीस की नाराज़गी और विपक्ष के तीखे हमलों के बीच अब ये देखना दिलचस्प होगा कि सरकार कोकाटे पर कोई कार्रवाई करती है या नहीं.