उत्तर प्रदेश में किसानों को मनमाने दामों पर खाद बेचे जाने की घटना सामने आई है. लखनऊ के बख्शी का तालाब और इटौंजा क्षेत्र में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने औचक निरीक्षण के दौरान दुकानदारों द्वारा अनियमित तरीके से खाद की बिक्री का भंडाफोड़ किया.
दो के लाइसेंस निलंबित, तीन को नोटिस
उन्होंने न केवल ओवर रेटिंग पकड़ी, बल्कि स्टॉक में भी खामियां पाईं. इसके बाद मंत्री ने सख्त निर्देश देते हुए दो दुकानों के लाइसेंस तुरंत निलंबित कर दिए और तीन को नोटिस भेजा गया.
मंत्री से निर्धारित दाम से ज्यादा की वसूली की
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही लखनऊ के बख्शी का तालाब और इटौंजा क्षेत्र में खाद की उपलब्धता और मूल्य की जांच के लिए औचक निरीक्षण पर गए. निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं खाद खरीदी, लेकिन दुकानदारों ने निर्धारित दाम से ऊपर वसूली की.
यूरिया की बोरी के लिए निर्धारित 266 रुपये की जगह 300 रूपये, जबकि डीएपी की कीमत 1350 रुपये की जगह 1500 रूपये वसूले गए. मंत्री ने कहा, “मैंने खुद खाद खरीदी और दुकानदारों ने मुझसे भी ज्यादा दाम लिए. इसका मतलब है कि किसानों के साथ रोज यही हो रहा होगा.”
स्टॉक रजिस्टर में भी मिली गड़बड़ी
उत्तर प्रदेश में लखनऊ के BKT और इटौंजा इलाके की खाद की दुकानों की जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर में गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं. निरीक्षण में पाया गया कि दुकानदारों ने उपलब्ध खाद की मात्रा जानबूझकर कम दर्ज की थी, जिससे कालाबाजारी की आशंका बनी. कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश जारी किए.
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने ओवर‑रेटिंग और स्टॉक अनियमितता की जांच के बाद सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने तीन दुकानों में से दो पर ओवर‑रेटिंग की और एक पर स्टॉक ठगी की शिकायतों पर नोटिस जारी करने का आदेश दिया.
ओवर‑रेटिंग करने वाली दो दुकानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं. साथ ही, मंत्री ने निर्देश दिए कि जिला कृषि अधिकारी पूरे प्रदेश में ओवर‑रेटिंग और कालाबाज़ारी पर निगरानी बढ़ाएं और तत्काल जांच अभियान चलाएं.
मंत्री ने स्पष्ट कहा है, “किसानों को किसी भी तरह की असुविधा बर्दाश्त नहीं होगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें
उत्तर प्रदेश में खाद की उपलब्धता और मनमाने दामों की शिकायतें पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रही थीं. किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि कुछ दुकानदार खाद की कृत्रिम कमी पैदा कर, उसे सामान्य से अधिक दाम पर बेच रहे हैं.
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता रामपाल सिंह ने कृषि मंत्री के कदम का स्वागत किया है. साथ ही उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में ऐसी जांच होनी चाहिए. किसान पहले से ही महंगाई और बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं.