
गुजरात के सूरत शहर में एक मरीज के इलाज के दौरान हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मरीज की आचानक धड़कन बंद हो हई। डॉक्टर ने मरीज की जांच पड़ताल के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मगर अचानक मरीज का दिल धड़कने लगा। ये देखकर अस्पताल में मौजूद डॉक्टर हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत मरीज को आईसीयू में शिफ्ट करके इलाज शुरू कर दिया। सूरत के न्यू सिविल अस्पताल में इलाज को लेकर आए मरीज के साथ जो हुआ वह पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
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सूरत सिविल अस्पताल लाया गया था
दरअसल, अंकलेश्वर निवासी राजेश पटेल नामक मरीज को गंभीर हालत में सूरत सिविल अस्पताल लाया गया था। यहां पर डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने का भरसक प्रयास किया। हालत लगातार बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस घटना ने अस्पताल के डॉक्टरों और मरीजों के परिजनों दोनों को झकझोर कर रख दिया था।
दिल पूरी तरह से बंद हो गया था
अंकलेश्वर से इलाज के लिए सूरत आए राजेश पटेल का दिल पूरी तरह से रुक चुका था। उसकी सांसें थम चुकी थीं और सभी चिकित्सकीय संकेत मौत की पुष्टि की ओर इशारा कर रहे थे। इसके बाद मेडिकल टीम ने मरीज को ECG करने के बाद "स्टेट लाइन" दिखने लगा। इस पर डॉक्टर ने मरीज को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के करीब 15 मिनट बाद एक अप्रत्याशित चमत्कार हुआ और राजेश पटेल के शरीर में हलचल दिखाई दी। उसके दिल की धड़कने वापस लौट आई थी।
अपने आप दिल का धड़कना अत्यंत दुर्लभ है
सूरत के न्यू सिविल अस्पताल के उमेश चौधरी (CMO) का कहना है कि यह घटना उनके करियर का सबसे अद्भुत और अविश्वसनीय अनुभव है। उनके 30 साल के अनुभव में ऐसा पहली बार होगा कि किसी मरीज को स्टेट लाइन घोषित करने के बाद दोबारा जीवित हो उठा। हमने कई बार कार्डियक अरेस्ट के मामलों में CPR (Cardio Pulmonary Resuscitation) दिया है, लेकिन इस तरह अपने आप दिल का धड़कना काफी दुर्लभ है।