उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में पुलिस और एक वांछित आरोपी के बीच देर रात मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ देहात कोतवाली क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस ने जिम संचालक फरीद को घेर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने खुद को बचाने के लिए फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिम की आड़ में गंभीर आरोप
पुलिस का कहना है कि आरोपी फरीद पर जिम में आने वाली युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने, फिर उन्हें ब्लैकमेल करने और धर्म बदलने का दबाव बनाने के गंभीर आरोप हैं। जांच में सामने आया है कि वह जिम को ट्रेनिंग सेंटर की तरह चलाता था, लेकिन अंदरखाने गलत गतिविधियों को अंजाम देता था। पुलिस काफी समय से आरोपी की तलाश में थी।
शिकायत के बाद खुला मामला
यह पूरा मामला तब सामने आया, जब दो युवतियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि जिम ट्रेनर ने पहले दोस्ती और भरोसा बनाया, फिर निजी वीडियो और तस्वीरों के जरिए धमकाने लगा। पीड़िताओं का आरोप है कि उन्हें डराकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया और विरोध करने पर गंभीर अंजाम की धमकी दी गई।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
इस मामले में पुलिस पहले ही बड़ा एक्शन ले चुकी है। जिम की आड़ में चल रहे कथित धर्मांतरण और ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इनके नाम फैजल खान, जहीर और सादाब बताए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने केजीएन और बी-फिट समेत कुल पांच जिमों को सीज कर दिया था।
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पीड़िता ने क्या बताया
पीड़िता के मुताबिक, ट्रेनर ने पहले उसे प्रेम का झांसा दिया। बाद में आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया और उसके नाम पर लोन तक लिया गया। आरोप है कि उस पर बुर्का पहनने, नमाज पढ़ने और दरगाह ले जाकर धार्मिक रस्में निभाने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस जांच जारी, नेटवर्क खंगाल रही टीम
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी के मोबाइल, संपर्क और लेनदेन की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है। पुलिस ने साफ किया है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।