
मिशन शक्ति के तहत मवाना कस्बे में एक नई पहल की गई, जिसके तहत आठवीं कक्षा की छात्रा को एक दिन के लिए मवाना का एसडीएम बनाया है। छात्रा ने एसडीएम की कुर्सी पर बैठकर ऑफिस में आने वाली शिकायतों को सुना और फिर संबंधित विभाग के अधिकारियों का कार्रवाई के आदेश भी दिए। एक दिन के लिए एसडीएम बनी मजदूर की बेटी बड़ी खुश थी और उसका सपना है कि वह बड़े होकर आईपीएस बनकर महिलाओं की सुरक्षा व सेवा कर सके।
जागरूकता अभियान चलाया जा रहा
मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत महिलाओं को स्वावलंबन बनाने के साथ-साथ उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देने के लिए पूरे जिले में एसपी क्राइम एवं नोडल अधिकारी अवनीश कुमार के नेतृत्व में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को मवाना में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की कक्षा आठवीं की छात्रा तनु को एक दिन के लिए एसडीएम मवाना बनाया गया।
समस्या के समाधान के निर्देश
तनु को विद्यालय की वार्डन पूनम रानी अपने साथ लेकर तहसील पहुंची, जहां एसडीएम संतोष सिंह से तनु को कार्यभार ग्रहण कराया। तनु ने कार्यालय में आए फरियादियों की समस्याएं भी सुनी और दिक्कत होने पर पास बैठ एसडीएम से जानकारी लेने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों को समस्या के समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए तनु ने कहा, वह किशोरीपुर गांव की रहने वाली है। पिता सोहनवीर मजदूरी करते है। तनु ने बताया, बड़े होकर उसका सपना आईपीएस बनकर महिलाओं की सुरक्षा व उनके अधिकारों को दिलाना है। एसडीएम संतोष सिंह ने इस पहल की सराहना की।
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा
उनका कहना था कि इस तरह की गतिविधियां बेटियों में आत्मविश्वास पैदा करती है। ताकि वह अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। कहा, मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से छात्राओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी देकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उधर, एन्टी रोमियो सेल प्रभारी प्रतिभा सिंह ने सभी थानों में गठित एंटी रोमियो टीम, शक्ति दीदी और महिला बीट पुलिस अधिकारी के साथ कंकरखेड़ा थाने के किशन इंटर गर्ल्स कॉलेज, कोतवाली की भगत सिंह मार्केट, सरधना थाने में दुर्गा पंडाल में महिलाओं व बालिकाओं और हस्तिनापुर थाने के तारापुर गांव में चौपाल लगाकर महिलाओं को जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें महिला केंद्रित योजनाओं, जैसे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, बैंकिंग करेस्पांडेंट सखी आदि के विषय में विस्तार से जानकारी दी और बालिकाओं को गुड टच-बैड टच के संबंध में शिक्षित किया।