उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट अभी दूर है, लेकिन सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इसी क्रम में Mohan Bhagwat का मेरठ दौरा राजनीतिक हलकों में खासा चर्चा में है। इसे संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक समीकरण साधने की बड़ी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। खिलाड़ियों, प्रबुद्ध वर्ग और विभिन्न सामाजिक समूहों से संवाद के जरिए व्यापक संदेश देने की तैयारी है।
मेरठ से मिशन की शुरुआत
Rashtriya Swayamsevak Sangh प्रमुख का मेरठ प्रवास ‘मिशन यूपी-2027’ के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को राजनीतिक रूप से निर्णायक क्षेत्र माना जाता है, जहां से चुनावी रुझान पूरे प्रदेश को प्रभावित करते हैं। भागवत यहां सामाजिक और बौद्धिक वर्गों से संवाद कर संगठन की वैचारिक पकड़ मजबूत करने का संदेश देंगे।
भाजपा-संघ समन्वय पर फोकस
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा Bharatiya Janata Party और संघ के बीच तालमेल को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 2027 से पहले संगठनात्मक एकजुटता और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। मेरठ और ब्रज प्रांत में संवाद कार्यक्रमों के जरिए सामाजिक आधार को व्यापक बनाने की रणनीति साफ नजर आती है।
पीडीए रणनीति की काट?
राजनीति में सामाजिक समीकरण अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में समाज के विभिन्न वर्गों तक सीधी पहुंच बनाकर संभावित राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिश हो रही है। ‘घर वापसी’ और ‘घुसपैठ’ जैसे मुद्दों पर भी स्पष्ट संदेश दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसे विपक्ष की सामाजिक रणनीति के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
हिंदू सम्मेलन और शताब्दी वर्ष
संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बस्ती स्तर तक हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। मेरठ महानगर में अब तक 150 से अधिक सम्मेलन हो चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखी गई है। इन आयोजनों को संगठन विस्तार और सामाजिक एकजुटता की मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है।
खिलाड़ियों और प्रबुद्ध वर्ग से संवाद
19 फरवरी को मेरठ पहुंचने के बाद 20 फरवरी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों के साथ संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित है। 21 फरवरी को समाज के विभिन्न वर्गों के प्रमुख लोगों से मुलाकात होगी। इस संवाद श्रृंखला के जरिए व्यापक सामाजिक संदेश देने और जमीनी नेटवर्क मजबूत करने की कवायद की जा रही है।