कोलकाता में आयोजित शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में जहां राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला, वहीं अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती का अलग अंदाज भी चर्चा का केंद्र बन गया। आंखों पर चश्मा और सिर पर फिदेल कास्त्रो स्टाइल कैप पहने मिथुन ने समारोह में खास आकर्षण खींचा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे और बंगाल में भाजपा सरकार बनने के साथ राजनीतिक माहौल पूरी तरह उत्साह से भरा नजर आया।
मिथुन चक्रवर्ती के लुक ने खींचा ध्यान
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मिथुन चक्रवर्ती का अंदाज सबसे अलग दिखाई दिया। सफेद दाढ़ी, काला चश्मा और खास स्टाइल की कैप में वे मंच पर मौजूद नेताओं के बीच अलग पहचान बना रहे थे। समारोह में मौजूद लोगों की नजरें बार-बार उनकी ओर जाती रहीं। सोशल मीडिया पर भी उनके लुक की चर्चा तेज हो गई।
मंच पर दिखे कई बड़े चेहरे
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। मंच पर मिथुन चक्रवर्ती के पास पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी नजर आईं, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कार्यक्रम का हिस्सा बने। इसके अलावा रामदास अठावले सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
पीएम मोदी ने माखनलाल सरकार का किया सम्मान
समारोह का एक भावुक पल तब सामने आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का सम्मान किया। उन्होंने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। माखनलाल सरकार लंबे समय से राष्ट्रवादी आंदोलन और संगठन से जुड़े रहे हैं। 1952 में कश्मीर आंदोलन के दौरान भी वे सक्रिय भूमिका में रहे थे।
छोटे मंत्रिमंडल के साथ शुरू हुई नई सरकार
शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किरतनिया, खुदीराम तुडू और निशीथ प्रामाणिक शामिल रहे। भाजपा ने इस शुरुआती कैबिनेट में अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर राजनीतिक संतुलन साधने का प्रयास किया है।
सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति
नई सरकार में महिला, आदिवासी, मतुआ और राजबंशी समुदाय को प्रतिनिधित्व देकर भाजपा ने स्पष्ट राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के दौरान जिन सामाजिक समूहों पर पार्टी ने फोकस किया था, अब मंत्रिमंडल गठन में भी उसी रणनीति को आगे बढ़ाया गया है। बंगाल में भाजपा की पहली सरकार के साथ पार्टी अब संगठन और सत्ता दोनों स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी दिखाई दे रही है।