Highest HIV prevalence: मिजोरम में वयस्कों के बीच एचआईवी संक्रमण की दर देश में सबसे ज्यादा बनी हुई है। राज्य में यह दर करीब 2.75 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 0.20 प्रतिशत से कई गुना अधिक है। हालांकि राहत की बात यह है कि वर्ष 2018 के बाद से नए मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। मिजोरम अब राष्ट्रीय एचआईवी रोकथाम रैंकिंग 2025-26 में दो पायदान चढ़कर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है, जो रोकथाम के प्रयासों में सुधार को दर्शाता है।
2018 के बाद नए मामलों में गिरावट
मिजोरम राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के अनुसार, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) के दिशा-निर्देशों के तहत किए गए प्रयासों से नए संक्रमण के मामलों में कमी आई है। अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच 1.4 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई, जिनमें 3,257 नए एचआईवी पॉजिटिव मामले सामने आए। इनमें 953 महिलाएं शामिल थीं, जिनमें 179 गर्भवती महिलाएं भी थीं।
युवा आयु वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक एचआईवी संक्रमण 25 से 34 वर्ष की आयु के लोगों में पाया गया है। मिजोरम में पहला एचआईवी मामला अक्टूबर 1990 में सामने आया था और अब तक कुल 33,781 मामले दर्ज हो चुके हैं। फिलहाल राज्य में करीब 26,321 लोग एचआईवी के साथ जीवन जी रहे हैं।
संक्रमण के प्रमुख कारण
नए मामलों के विश्लेषण में सामने आया कि 70.4 प्रतिशत संक्रमण असुरक्षित यौन संबंधों के कारण फैला। वहीं, 27.3 प्रतिशत मामलों में नशीले पदार्थों के इंजेक्शन के दौरान एक ही सुई के इस्तेमाल को वजह माना गया। माता से बच्चे में संक्रमण के मामले 1.8 प्रतिशत और अन्य कारण 0.8 प्रतिशत रहे।
सरकार की रणनीति
राज्य सरकार ने एचआईवी नियंत्रण के लिए 14 एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी केंद्र स्थापित किए हैं, जहां 18,355 मरीजों को मुफ्त इलाज मिल रहा है। इसके अलावा सरकार गिरजाघरों के सहयोग से विवाह से पहले एचआईवी जांच को लेकर जागरूकता फैलाने की योजना पर भी काम कर रही है, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को समय रहते तोड़ा जा सके।