अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सिराथू सीट से विधायक पल्लवी पटेल ने उत्तर प्रदेश समेत देश के 12 राज्यों में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध किया है। उन्होंने शुक्रवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वह एसआईआर फॉर्म नहीं भरेंगी और इस प्रक्रिया को सरकार का जुमला बताया है। पल्लवी पटेल ने कहा कि उनके पास सभी आवश्यक दस्तावेज हैं और वह भारत की नागरिक हैं। इसलिए उन्हें एसआईआर फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि वह जीवन भर वोट देती रही हैं और अब एसआईआर फॉर्म क्यों भरें
पल्लवी पटेल ने मतदाताओं से भी अपील की है कि यदि उन्हें एसआईआर समझ आए तो ही फॉर्म भरें, अन्यथा न भरें। उन्होंने महिला आरक्षण का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे वह कागजों में रही, वैसे ही एसआईआर भी जमीन पर नहीं उतरेगा। उन्होंने एसआईआर को सरकार का जुमला बताते हुए कहा कि सरकार एसआईआर के जरिए लोकतंत्र पर हमला कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि उनका नाम फॉर्म न भरने पर काटा गया तो वह किस आधार पर काटा जाएगा। उनके पास मतदान के तमाम वैलिड दस्तावेज हैं और उन्हें एसआईआर के दस्तावेजों की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने एसआईआर कार्य में लगे बीएलओ पर दिए जा रहे दबाव को अमानवीय बताया।
पल्लवी पटेल ने एसआईआर प्रक्रिया की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सरकार का एक चाल है। उन्होंने कहा कि सरकार उन राज्यों में एसआईआर करा रही है जहां चुनाव होने वाले हैं या जहां से उन्हें अधिक सीटें जीतने की उम्मीद है। यह चुनावी लाभ के लिए मतदाता सूची में हेरफेर करने का प्रयास हो सकता है।