MLA Sonawane Arrives: महाराष्ट्र में इन दिनों तेंदुओं के बढ़ते हमलों ने ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल बना दिया है। इसी गंभीर समस्या की ओर सरकार का ध्यान खींचने के लिए पुणे जिले के जुन्नर विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक शरद सोनावणे ने अनोखा तरीका अपनाया। नागपुर में जारी शीतकालीन सत्र के दौरान वे तेंदुए का वेश धारण कर विधानसभा पहुंचे। उनका यह प्रदर्शन उन इलाकों में बढ़ते तेंदुआ-मानव संघर्ष, बच्चों पर हमलों और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर लगातार उठ रही चिंताओं को उजागर करने के लिए था। सोनावणे का कहना है कि कई परिवार अब खेतों में काम करने तक से डरने लगे हैं।
तेंदुए के हमलों से दहशत
विधायक सोनावणे ने कहा कि पुणे, नासिक और अहिल्यानगर जैसे जिलों में तेंदुओं की गतिविधि लगातार बढ़ रही है। गांवों और खेतों के आसपास तेंदुओं का दिखना आम बात हो गया है, जिसके कारण लोग शाम होते ही घरों से निकलने में घबराते हैं। कई घटनाओं में बच्चों की जान भी चली गई है। उन्होंने राज्य सरकार से इसे 'राज्य आपदा' घोषित करने, हर जिले में रेस्क्यू सेंटर बनाने और जंगली जानवरों के प्रबंधन के लिए ठोस नीति तैयार करने की मांग की। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
VIDEO | Maharashtra Assembly Winter Session: MLA Sharad Sonawane dons a leopard costume while addressing a press conference to protest against the rising incidents of leopard attacks in the state.
— Press Trust of India (@PTI_News) December 10, 2025
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/GDL5KskQwo
बकरियां छोड़ने और रेस्क्यू सेंटर की योजना
इस मुद्दे पर राज्य सरकार भी सक्रिय होती दिखी। विधानसभा में वन मंत्री गणेश नाइक ने बताया कि तेंदुओं को जंगलों से बाहर आने से रोकने के लिए अधिकारियों को जंगलों में बड़ी संख्या में बकरियां छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे शिकार की तलाश में मानव बस्तियों तक न पहुंचे। साथ ही सरकार रेस्क्यू और पुनर्वास केंद्र स्थापित करने, जैविक बाड़ लगाने और मानव सुरक्षा तथा वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाने पर भी काम कर रही है। NCP (शरद पवार गुट) के विधायक जितेंद्र आव्हाड द्वारा प्रस्तुत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के बाद यह मुद्दा और गरमा गया। सरकार अब दीर्घकालिक रणनीति व व्यापक नीति बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, ताकि ग्रामीणों और किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।