उत्तर प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। परिवहन मंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों की औसत आयु 5 साल 3 महीने है। इसके साथ यूपी देश की सबसे युवा बस फ्लीट वाला राज्य बन गया है। स्क्रैप नीति में भी प्रदेश को देश में पहला स्थान मिला है।
ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में तीसरे स्थान पर यूपी
उन्होंने बताया कि स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित करने में उत्तर प्रदेश दूसरे और ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में तीसरे स्थान पर है। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पहली बार एआरटीओ (सड़क सुरक्षा) की तैनाती का रास्ता साफ हुआ है। मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर के 352 पद भी स्वीकृत किए गए हैं।
चारबाग के पास 250 करोड़ रुपये की परियोजना
परिवहन मंत्री के मुताबिक 23 बस अड्डों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। गोमतीनगर में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक बस डिपो बनेगा। अमौसी में 600 करोड़ और चारबाग के पास 250 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित है। छह से अधिक नए बस अड्डों को मंजूरी मिली है, जिनमें करीब 4 हजार करोड़ रुपये निवेश की संभावना है। 49 बस अड्डों के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
1090 सेवा से जोड़ा गया
निगम की 14 हजार से अधिक बसें जीपीएस और पैनिक बटन से लैस हैं। ऑनलाइन निगरानी के साथ इन्हें 1090 सेवा से जोड़ा गया है। महिलाओं की शिकायत पर परिवहन निगम के साथ पुलिस की मदद भी तत्काल उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।