अ्रमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 50% टैरिफ वाले "अमेरिका फर्स्ट" झटके के जवाब में भारत ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को सबसे बड़ा हथियार बनाया है। 2025 में भारत पर 50% टैरिफ लगने के बाद मोदी सरकार ने कई देशों से डील करके एक्सपोर्ट के नए रास्ते खोले।क्या किया भारत ने पिछले 6 साल में:9 देशों/ग्रुप्स के साथ MRA और FTA की तैयारी है। मोदी सरकार ट्रंप टैरिफ की काट निकालने के लिए "जी-जान से जुटी" है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इंडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) के मुताबिक भारत जल्द ही सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और UK के साथ 'म्यूचुअल रिकग्निशन एग्रीमेंट' (MRA) साइन कर सकता है। इसके अलावा UAE, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस, EFTA देशों (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन) के साथ FTA हो चुका है। कुल मिलाकर 6 साल में 9 देशों/ब्लॉक के साथ डील या समझौते की प्रक्रिया पूरी हुई।
MRA से क्या फायदा?
MRA के बाद भारत के 'ऑथराइज्ड इकोनॉमिक ऑपरेटर' (AEO) यानी मान्यता प्राप्त व्यापारियों को उन देशों में तेज क्लियरेंस, कम इंस्पेक्शन और आसान टैक्स रिफंड मिलेगा। अभी भारत में ∼6,000 AEO हैं।नतीजा: टैरिफ के बावजूद एक्सपोर्ट बढ़ा है. नवंबर 2025 में भारत के कुल निर्यात में 19.4% की बढ़ोतरी हुई और टैरिफ के बावजूद अमेरिका को निर्यात में 22% से ज्यादा उछाल आया।
ट्रंप टैरिफ vs भारत की रणनीति
ट्रंप का वारमोदी सरकार की काटभारत पर 50% टैरिफ - 25% 'जवाबी' + 25% 'सेकेंडरी' रूसी तेल पर9 देशों से FTA/MRA, AEO स्कीम, क्लस्टर्स का आधुनिकीकरण US का 18% टैरिफ जारी, भारत से 'जीरो टैरिफ' की मांग। टेक्सटाइल, फुटवियर, समुद्री उत्पाद के लिए बजट में मददहोर्मुज और तेल पर दबावब्राजील से 12 अरब डॉलर ट्रेड बढ़ाने की प्लानिंग, जापान से 13 धांसू डील की।
अन्य बड़ी डील्स:जापान:
PM मोदी ने जापान के साथ 13 डील कीं। इससे ट्रंप को डर है कि भारत-चीन भी बड़ी डील न कर लें।ब्राजील: ट्रंप के टैरिफ वॉर के बाद मोदी और लूला करीब आए। दोनों देश 12 अरब डॉलर का ट्रेड ट्रिपल करने पर काम कर रहे हैं।बजट 2026: विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स छूट, विमान पुर्जों-परमाणु उपकरण पर ड्यूटी खत्म। ये US एविएशन-न्यूक्लियर कंपनियों को लुभाने के लिए है।