
इस साल की शुरुआत में केंद्र सरकार द्वारा ग्रेच्युटी की सीमा को बढ़ाकर ₹25 लाख किए जाने का ऐलान किया गया था. सरकार के इस ऐलान के बाद करोड़ों कर्मचारियों में इस बात की उम्मीद जागी थी कि इसका लाभ अब सभी को मिलेगा. फिर चाहें वो बैंक में काम करते हों, किसी सरकारी यूनिवर्सिटी में हों या किसी सार्वजनिक उपक्रम (PSU) में. मगर सरकार द्वारा अपने इस ऐलान के महीनों बाद लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया गया है. दरअसल सरकार द्वारा अब कई महीनों बाद एक बेहद महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया गया है. इस स्पष्टीकरण में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि यह बढ़ी हुई ग्रेच्युटी सीमा सभी के लिए नहीं है.
30 मई 2024 को जारी की गई थी अधिसूचना
दरअसल इस पूरे मामले की जड़ 30 मई 2024 को जारी हुई वह अधिसूचना है, जिसमें सरकार ने ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ा दी थी. उस वक्त सरकार ने ये घोषणा की थी कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹25 लाख कर दी गई है. इसके साथ ही यह फैसला 1 जनवरी 2024 से ही लागू भी माना जाएगा. इस घोषणा के बाद पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) के पास सवालों और आरटीआई आवेदनों की झड़ी लग गई. जिसके बाद देश भर के विभिन्न संस्थानों, जैसे बैंकों, पीएसयू, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), स्वायत्त संस्थानों और यहां तक कि राज्य सरकारों के कर्मचारी भी यह पूछने लगे कि क्या यह ₹25 लाख की सीमा उन पर भी लागू होती है. इसी व्यापक भ्रम को दूर करने के लिए विभाग को अब यह आधिकारिक आदेश जारी करना पड़ा है. जिससे कि ग्रेच्युटी को लेकर पात्रता की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके.
इन केंद्रीय सरकारी सिविल कर्मचारियों को फायदा
अपने नए आदेश में विभाग ने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि बढ़ी हुई ग्रेच्युटी सीमा का लाभ किसे मिलेगा. यह स्पष्टीकरण उन लाखों कर्मचारियों के लिए निराशाजनक हो सकता है जो सीधे तौर पर केंद्रीय सिविल सेवाओं का हिस्सा नहीं हैं. सरकार का कहना है कि ₹25 लाख तक की अधिकतम ग्रेच्युटी का फायदा केवल उन्हीं केंद्रीय सरकारी सिविल कर्मचारियों (Central Government Civil Employees) को मिलेगा, जो दो विशिष्ट नियमावलियों के तहत आते हैं.
पहला केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2021 और दूसरा केंद्रीय सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत ग्रेच्युटी का भुगतान) नियम, 2021. ऐसे में अगर कोई कर्मचारी इन दो नियमावलियों के दायरे में नहीं आता है, तो उसे ₹25 लाख की बढ़ी हुई सीमा का लाभ नहीं मिल पाएगा, भले ही वह केंद्र सरकार से जुड़े किसी अन्य संस्थान में ही क्यों न काम करता हो.
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ये बड़े संस्थान लिस्ट में शामिल नहीं
सरकार द्वारा जारी किए गए इस स्पष्टीकरण ने यह तय कर दिया है कि करोड़ों कर्मचारी इस लाभ से फिलहाल वंचित रहेंगे. पेंशन विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि उनके द्वारा जारी किए गए नियम अन्य संगठनों पर लागू नहीं होते हैं. इस सूची में देश के बड़े सार्वजनिक उपक्रम (PSUs), सभी सरकारी और ग्रामीण बैंक, पोर्ट ट्रस्ट, और यहां तक कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) भी शामिल हैं.
इनके अलावा विभिन्न स्वायत्त संस्थानों (Autonomous Bodies), विश्वविद्यालयों (Universities), सोसायटियों और सबसे महत्वपूर्ण, विभिन्न राज्य सरकारों के कर्मचारियों को भी इस ₹25 लाख की सीमा का लाभ नहीं मिल सकेगा. विभाग ने यह भी सलाह दी है कि इन संस्थानों के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी से जुड़े किसी भी सवाल या नियम की जानकारी के लिए अपने संबंधित मंत्रालय या विभाग से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि उनकी ग्रेच्युटी और सेवा नियम केंद्र सरकार के सिविल सेवकों से अलग होते हैं और उन्हीं के द्वारा शासित किए जाते हैं.