
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) सुधारों को देश की जनता ने सकारात्मक रूप से स्वीकार कर लिया है. उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि जीएसटी की शुरुआत नवरात्रि के पहले दिन की गई थी और लोगों ने इसे पूरे उत्साह के साथ अपनाया है. इसके साथ ही सीतारमण ने स्पष्ट किया कि हाल ही में किए गए जीएसटी सुधारों का किसी “टैरिफ युद्ध” से कोई संबंध नहीं है. इस सुधार प्रक्रिया पर पिछले डेढ़ साल से काम चल रहा था और यह पहले से तय योजना का हिस्सा था. इस पर कई मंत्रियों के समूहों ने विचार किया और जीएसटी परिषद ने इसे मंजूरी दी.
अर्थव्यवस्था पर दिखा GST सुधार का असर
इसी बीच केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जीएसटी सुधारों का असर अब देश की अर्थव्यवस्था में साफ दिखाई देने लगा है. उन्होंने आगे बताया कि पिछले साल भारत का जीडीपी 335 लाख करोड़ रुपये था, जिसमें 202 लाख करोड़ उपभोग और 98 लाख करोड़ निवेश का हिस्सा था. इस साल खपत में 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी की उम्मीद है, यानी लगभग 20 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त खपत हो सकती है.
नवरात्रि पर 20-25 फीसदी अधिक बिक्री
वैष्णव ने आगे बताया कि रिटेल सेक्टर में नवरात्रि के दौरान बिक्री पिछले साल की तुलना में 20-25 प्रतिशत अधिक रही है. कुछ इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों जैसे 85-इंच टीवी पूरी तरह बिक चुके हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की बढ़ती मांग से घरेलू विनिर्माण को बड़ा प्रोत्साहन मिला है और इस क्षेत्र में अब डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की जा रही है. स्मार्टफोन निर्यात में भारत ने इस साल चीन को पीछे छोड़ दिया है और अमेरिका को सबसे अधिक स्मार्टफोन निर्यात किए हैं. अब करीब 20 प्रतिशत वैश्विक कंपनियां भारत में उत्पादन कर रही हैं, जो देश की औद्योगिक क्षमता को मजबूत बना रहा है.
भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा- गोयल
वहीं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत की विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत किया है, जबकि इस साल की पहली तिमाही में भारत ने 7.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है. सरकार, वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियों ने देश को महंगाई से बचाए रखा है. पिछले महीने मुद्रास्फीति दर आठ साल के निचले स्तर 1.5 प्रतिशत पर पहुंच गई.
एसएंडपी ने भारत की रेटिंग एक पायदान ऊपर की
गोयल ने बताया कि 17-18 साल बाद एसएंडपी ने भारत की रेटिंग एक पायदान ऊपर की है और ‘स्थिर’ दृष्टिकोण बनाए रखा है. त्योहारी सीजन में उपभोग तेज़ी से बढ़ा है. नवरात्रि के पहले आठ दिनों में ही मारुति सुजुकी ने 1.65 लाख कारें बेची गई हैं, जो देश की बढ़ती आर्थिक ताकत और उपभोग क्षमता का स्पष्ट संकेत है.