काशी में जैसे ही पीएम नरेंद्र मोदी का विमान उतरा, शहर ने मानो उत्सव का चोला पहन लिया. हर तरफ दीये, शंख, नगाड़े और जयकारों की गूंज थी. एयरपोर्ट से बरेका गेस्ट हाउस तक 27 किलोमीटर की सड़कें लोगों से पट गईं. घरों की छतों, दुकानों, पेड़ों और गलियों में उमड़ा जनसैलाब सिर्फ एक बात कह रहा था हर-हर महादेव, हर-हर मोदी. काशीवासियों के लिए यह सिर्फ प्रधानमंत्री का दौरा नहीं, बल्कि अपने प्रतिनिधि, अपने बेटे और अपनी उम्मीदों के प्रहरी का स्वागत था। महिलाओं ने फूल बरसाए और कहा हमारे लिए योगी लक्ष्मण हैं और मोदी राम… देश को सही दिशा दी है इन्होंने. शहर का माहौल इतना भव्य था कि लगा जैसे दिवाली और होली एक साथ उतर आई हों.
भावनाओं का समंदर
मोदी के स्वागत में हर उम्र, हर वर्ग और हर समुदाय शामिल था, लेकिन सबसे दिल छू लेने वाला दृश्य दिव्यांग बृजेश कुमार सिंह का रहा, जो व्हीलचेयर से ही साहब को देख हाथ हिलाते रहे. उन्होंने कहा दो बार मुलाकात हुई… आज तीसरी बार देख लिया, अब तो जीवन सफल हो गया।” काशी में ऐसे हजारों लोग हैं जिनकी जिंदगी मोदी की योजनाओं से बदली है किसी को घर मिला, किसी को उज्ज्वला गैस, किसी को आयुष्मान का इलाज. इसलिए जब मोदी काशी पहुंचते हैं, जनता उनका स्वागत नेता की तरह नहीं, परिवार के सदस्य की तरह करती है. जगह-जगह मंच सजाए गए, बच्चों ने तिरंगे लहराए और बुजुर्गों की आंखों में गर्व की चमक थी। काशी में ऐसा दृश्य विरले ही देखने को मिलता है.
काशी के विकास प्रोजेक्ट्स पर पैनी नजर
पीएम मोदी दो दिन काशी में रुकने वाले हैं और रात का विश्राम बरेका गेस्ट हाउस में तय है. लेकिन मोदी की काशी यात्राएं कभी सिर्फ औपचारिक नहीं रहतीं. सूत्रों के मुताबिक वे रात को शहर का निरीक्षण भी कर सकते हैं चाहे रोप-वे प्रोजेक्ट हो, Kashi Corridor की सड़कों की स्थिति हो, या घाटों की सफाई. SPG पहले ही इन सभी लोकेशनों का सर्वे कर चुकी है. गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और कई बड़े नेता पीएम से मिले और रणनीतिक बैठकों का दौर जगमगा उठा. हर दौरे की तरह यह दौरा भी काशी के लिए नए विकास अध्याय का संकेत दे रहा है.
वंदे भारत का सुपर अपडेट
शनिवार को पीएम मोदी 4 नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी देंगे, जिनमें से एक वाराणसी-खजुराहो रूट पर चलेगी. यह काशी की 8वीं वंदे भारत होगी जो अपने आप में ऐतिहासिक है. शहर के रेलवे स्टेशन सज चुके हैं, प्लेटफॉर्मों पर फूल-मालाएं और लाइटिंग दिख रही है. काशी का कहना है मोदी आते हैं तो विकास भी साथ लाते हैं दुकानदारों, कारोबारियों और रिक्शेवालों तक का यही जज़्बा है कि मोदी ने काशी को सिर्फ धार्मिक पहचान नहीं, बल्कि विकास का वैश्विक मॉडल बना दिया है.