इटली दौरे पर गए Narendra Modi और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni की मुलाकात के बीच एक छोटी सी टॉफी ने बाजार में बड़ा असर पैदा कर दिया। पीएम मोदी द्वारा मेलोनी को ‘मेलोडी’ चॉकलेट गिफ्ट किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर यह तस्वीर वायरल हुई और इसका असर शेयर बाजार तक पहुंच गया।
मेलोडी बनी चर्चा का केंद्र
सोशल मीडिया पर मोदी-मेलोनी की तस्वीरों और ‘मेलोडी’ टॉफी की चर्चा शुरू होते ही निवेशकों की नजर पार्ले नाम से जुड़ी कंपनियों पर जा टिकी। इसके बाद Parle Industries Limited के शेयर में अचानक करीब 5 फीसदी की तेजी देखने को मिली। हालांकि दिलचस्प बात यह रही कि मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी और शेयर बाजार में उछलने वाली कंपनी अलग-अलग हैं।
कौन बनाता है मेलोडी?
मेलोडी टॉफी दरअसल Parle Products बनाती है। यह भारत की सबसे पुरानी और बड़ी FMCG कंपनियों में गिनी जाती है। पार्ले-जी बिस्किट से लेकर मोनाको, क्रैकजैक, किस्मी और मेलोडी जैसे ब्रांड इसी कंपनी के हैं। लगभग 97 साल पुरानी यह कंपनी देशभर में 100 से ज्यादा फैक्ट्रियों के जरिए अपने प्रोडक्ट बेचती है।
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लेकिन शेयर किस कंपनी के बढ़े?
जिस कंपनी के शेयर में तेजी आई, वह Parle Industries Limited है। यह कंपनी रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और रीसाइक्लिंग जैसे कारोबार से जुड़ी हुई है। इसका पार्ले-जी या मेलोडी बनाने वाली कंपनी से कोई सीधा संबंध नहीं है। बावजूद इसके, नाम की समानता और वायरल चर्चा के चलते निवेशकों ने इस शेयर में खरीदारी शुरू कर दी।
सोशल मीडिया से बाजार तक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में सोशल मीडिया ट्रेंड कई बार शेयर बाजार की चाल भी बदल देते हैं। मोदी-मेलोनी की वायरल तस्वीरों और ‘मेलोडी’ को लेकर बने मीम्स ने आम लोगों के साथ निवेशकों का भी ध्यान खींचा। इसी का असर शेयर की कीमतों पर दिखाई दिया।
ब्रांड को मिला ग्लोबल प्रमोशन
पीएम मोदी के इस अनोखे गिफ्ट ने भारतीय ब्रांड ‘मेलोडी’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला दी। राजनीतिक मुलाकात के बीच एक भारतीय टॉफी का जिक्र होना अपने आप में बड़ी ब्रांडिंग माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग मजाक में मोदी और मेलोनी को ‘मेलोडी के ब्रैंड एंबेसडर’ तक कहने लगे हैं।