नई दिल्ली में आयोजित राजकीय भोज के दौरान एक तस्वीर ने सबका ध्यान खींच लिया। Lee Jae-yong ने Narendra Modi और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung के साथ सेल्फी ली। यह तस्वीर सैमसंग के नोएडा प्लांट में बने फोन से ली गई बताई जा रही है। इस एक तस्वीर को सिर्फ यादगार पल नहीं, बल्कि बड़े आर्थिक और रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
भारत की मैन्युफैक्चरिंग ताकत का संकेत
सेल्फी का सबसे अहम पहलू यह रहा कि इसमें भारत में बने डिवाइस का इस्तेमाल किया गया। Samsung Electronics का नोएडा प्लांट दुनिया की बड़ी मोबाइल निर्माण इकाइयों में गिना जाता है। इससे यह संदेश गया कि भारत अब सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक उत्पादन केंद्र भी बन रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ती उत्पादन क्षमता भारत की बदलती औद्योगिक ताकत को दर्शाती है।
ये भी पढे़ें : US Iran वार्ता से पहले सख्त रुख, ‘जंग का हिस्सा’ बताकर दिया बड़ा संदेश
चीन क्यों हो सकता है परेशान
कई वर्षों तक चीन वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन का प्रमुख केंद्र रहा। लेकिन अब बड़ी कंपनियां उत्पादन को कई देशों में बांट रही हैं। Samsung Electronics जैसी कंपनियों का भारत में विस्तार इस बदलाव का संकेत है। जब कोई बड़ी कंपनी निवेश करती है, तो उसके साथ सप्लायर, वेंडर और नई नौकरियां भी आती हैं। इससे भारत में मजबूत इकोसिस्टम बनता है, जो चीन के लंबे समय के दबदबे को चुनौती दे सकता है।
भारत-कोरिया रिश्तों को भी मजबूती
इस घटनाक्रम के साथ भारत और दक्षिण कोरिया ने आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया है। दोनों देशों ने व्यापार, सप्लाई चेन और अहम तकनीकों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी तय किया गया है। ऐसे में यह सेल्फी सिर्फ एक फोटो नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक आर्थिक तस्वीर का प्रतीक मानी जा रही है।