प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की। हैदराबाद हाउस में हुई इस बैठक को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चर्चा के दौरान ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवा और परिवहन जैसे कई अहम विषयों पर बातचीत हुई। दोनों देशों ने आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने की इच्छा जताई।
ऊर्जा और व्यापार पर खास फोकस
भारत और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा क्षेत्र लंबे समय से सहयोग का प्रमुख आधार रहा है। इसी वजह से बैठक में ऊर्जा सुरक्षा और तेल क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अलावा व्यापार और निवेश बढ़ाने के नए अवसरों पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने की संभावनाओं पर विचार किया।
जयशंकर ने भी की मुलाकात
प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी डेल्सी रोड्रिगेज से बातचीत की। जयशंकर ने भारत-वेनेजुएला संबंधों को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से बने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए यह यात्रा महत्वपूर्ण है। विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई कि यह दौरा सहयोग के नए रास्ते खोलेगा।
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उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी साथ आया
डेल्सी रोड्रिगेज अपने साथ एक बड़े प्रतिनिधिमंडल को लेकर भारत पहुंची हैं। इस दल में विदेश मामलों, अर्थव्यवस्था, वित्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संचार और परिवहन से जुड़े वरिष्ठ मंत्री भी शामिल हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि दोनों देश केवल राजनीतिक नहीं बल्कि आर्थिक और तकनीकी सहयोग को भी नई दिशा देना चाहते हैं।
5 दिन के दौरे में कई बैठकें
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति 3 जून से 7 जून तक भारत के दौरे पर हैं। इस दौरान दोनों देशों के अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकें होंगी। इन बैठकों में फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, नवीकरणीय ऊर्जा, परिवहन और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।
साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार
भारत और वेनेजुएला के बीच संबंध पिछले कई वर्षों से लगातार मजबूत होते रहे हैं। मौजूदा दौरे को इसी साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा और व्यापार के अलावा नई तकनीक, स्वास्थ्य और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ने से दोनों देशों को लाभ होगा। यही वजह है कि इस मुलाकात को भारत-वेनेजुएला संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।