SCO Summit Modi Xi : किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के गलियारों में चर्चा तेज कर दी। सम्मेलन में शामिल देशों के नेताओं ने पहले सामूहिक फोटो खिंचवाई। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई मुलाकातों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसी दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद थे।
मोदी-जिनपिंग की अनौपचारिक बातचीत
ग्रुप फोटो के बाद जब सभी नेता मंच से नीचे उतरे, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने आए। दोनों नेताओं ने कुछ देर बातचीत की और साथ-साथ आगे बढ़ते दिखाई दिए। यह मुलाकात इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में भारत और चीन के संबंध कई मुद्दों को लेकर तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की सहज बातचीत ने कूटनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दिया।
पहली चर्चा का कारण
सम्मेलन से जुड़े वीडियो में देखा गया कि मंच पर पहुंचने के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन किया। इसके अलावा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी मोदी से मुलाकात कर बातचीत की। वहीं, शहबाज शरीफ मंच पर मौजूद तो रहे, लेकिन शुरुआती क्षणों में उनकी किसी बड़े नेता से बातचीत दिखाई नहीं दी। इसी वजह से सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
ग्रुप फोटो के बाद क्या हुआ?
ग्रुप फोटो समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग बातचीत करते हुए आगे बढ़ गए। इस दौरान शहबाज शरीफ वहीं खड़े दिखाई दिए। कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि मोदी और शरीफ के बीच कोई सीधा संवाद नहीं हुआ। हालांकि ऐसे बहुपक्षीय आयोजनों में नेताओं का अलग-अलग समूहों में बातचीत करना सामान्य माना जाता है, लेकिन इस दृश्य को लेकर राजनीतिक अर्थ निकाले जाने लगे।
पुतिन से हुई बातचीत
रिपोर्टों के अनुसार, बाद में शहबाज शरीफ ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बातचीत की। वीडियो में दिखाई दिया कि पुतिन आगे बढ़ रहे थे, जिसके बाद शरीफ उनके पास पहुंचे और दोनों नेताओं के बीच संक्षिप्त संवाद हुआ। यह दृश्य भी चर्चा का विषय बन गया। सम्मेलन के दौरान नेताओं की हर गतिविधि पर दुनिया भर की मीडिया की नजर बनी रही।
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भारत-चीन रिश्तों पर नजर
एससीओ सम्मेलन का यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत और चीन सीमा से जुड़े मुद्दों पर लगातार बातचीत कर रहे हैं। 2020 की गलवान घाटी घटना के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ा था। इसके बावजूद दोनों पक्ष कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ताएं कर चुके हैं। बिश्केक में मोदी और जिनपिंग की मुलाकात को इसी व्यापक कूटनीतिक प्रक्रिया के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, जबकि सम्मेलन में नेताओं के बीच हुई मुलाकातों और बातचीत की तस्वीरें चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं।