Modi vision Yogi mission: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने के साथ उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल की चर्चा भी तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय ने प्रदेश की विकास यात्रा को नई दिशा दी है। 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद केंद्र की योजनाओं को तेजी से लागू किया गया, जिससे बुनियादी ढांचे, निवेश, कानून व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिले। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश आज देश की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
कानून व्यवस्था से विकास को मिली रफ्तार
2017 से पहले उत्तर प्रदेश को अपराध, माफिया गतिविधियों और निवेश की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। योगी सरकार ने कानून व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए अपराध नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए। सरकार का दावा है कि बेहतर सुरक्षा माहौल बनने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिली। विकास की योजनाओं को जमीन पर उतारने में प्रशासनिक सक्रियता भी अहम रही।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को मिला नया स्वरूप
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े विकास कार्यों ने इन शहरों की पहचान को नई ऊंचाई दी है। आधुनिक सुविधाओं और पर्यटन अवसंरचना के विस्तार से इन क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है।
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इन्फ्रास्ट्रक्चर में दिखा बड़ा बदलाव
प्रदेश में एक्सप्रेसवे, मेट्रो परियोजनाओं, एयरपोर्ट और मेडिकल संस्थानों के निर्माण ने विकास की नई तस्वीर पेश की है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स ने कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया है। वहीं, अयोध्या, कुशीनगर और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों जैसी परियोजनाएं प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
कल्याणकारी योजनाओं का मिला व्यापक लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, किसान सम्मान निधि और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं का सबसे अधिक लाभ पाने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश प्रमुख रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से इन योजनाओं को बड़े पैमाने पर लागू किया गया। समर्थकों का मानना है कि यही तालमेल उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है और आने वाले वर्षों में भी प्रदेश की प्रगति की दिशा तय करेगा।