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PM मोदी ने इस बार भी अपनी दिवाली देश के वीर जवानों के साथ मनाई. इस बार उनका ठिकाना गोवा और कारवार के तट पर तैनात INS विक्रांत, देश का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत था. बता दें बीती शाम उन्होंने नौसैनिकों के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए और आज सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा वीरों के बीच दिवाली मनाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. आप सब मेरे परिवार का हिस्सा हैं, और मैं आपके बीच रहकर गर्व महसूस करता हूं. मोदी के इस संबोधन ने एक बार फिर देशवासियों के दिलों में देशभक्ति की लहर जगा दी.
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र, दुश्मनों को चेतावनी !
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में INS विक्रांत की ऐतिहासिक भूमिका का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस युद्धपोत ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी थी और कुछ ही दिनों में दुश्मन देश को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था. उन्होंने कहा कि विक्रांत न सिर्फ एक जहाज है बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता, पराक्रम और प्रतिभा का जिंदा प्रतीक है. मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि जब भारत अपनी ताकत पर विश्वास करता है, तो कोई भी दुश्मन देश उसके सामने टिक नहीं सकता.
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‘ब्रह्मोस’ से दुश्मनों के मन में डर
पीएम मोदी ने भारत की रक्षा क्षमताओं का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 के बाद से देश के शिपयार्ड्स ने 40 से अधिक युद्धपोत और पनडुब्बियां बनाई हैं. उन्होंने कहा कि आज ब्रह्मोस नाम से कुछ देशों के मन में डर बैठ गया है, जबकि दुनिया के कई राष्ट्र भारत से यह मिसाइल खरीदने के लिए उत्सुक हैं. प्रधानमंत्री ने कहा हमारा लक्ष्य भारत को दुनिया के शीर्ष रक्षा उत्पाद निर्यातकों में शामिल करना है,. अब भारत न केवल अपनी रक्षा करेगा बल्कि पूरी दुनिया को सुरक्षा का भरोसा भी देगा.
INS विक्रांत- आत्मनिर्भर भारत का गर्वित प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि INS विक्रांत भारत की नई सोच, नई तकनीक और नई ऊर्जा का प्रतीक है. ये सिर्फ एक युद्धपोत नहीं, बल्कि भारत के उस साहस का प्रतीक है जिसने ऑपरेशन सिंदूर जैसे मिशन में पाकिस्तान को झुकने पर मजबूर किया. उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं की एकजुटता और समर्पण ही देश की सबसे बड़ी ताकत है. प्रधानमंत्री के इस दिवाली संदेश ने एक तरफ जवानों में उत्साह भर दिया, तो दूसरी तरफ दुश्मन देशों की नींद उड़ा दी.