बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर टेस्ट में पाकिस्तान के गेंदबाजों की हालत ने फैंस को हैरान कर दिया। सपाट पिच पर पाकिस्तानी गेंदबाज विकेट के लिए तरसते दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर भी फैंस लगातार अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे और टीम की गेंदबाजी पर सवाल उठाते नजर आए। लेकिन इसी खराब प्रदर्शन के बीच एक ऐसा नाम उभरकर सामने आया जिसने अकेले पाकिस्तान की लाज बचाने का काम किया। यह नाम था अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास का, जिन्हें लंबे समय तक टीम से बाहर रखा गया था।
अब्बास ने पलटा मैच का रंग
मीरपुर के शेर ए बांग्ला स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन बांग्लादेश ने पहली पारी में 413 रन बनाए। एक समय ऐसा लग रहा था कि बांग्लादेश 500 के पार पहुंच जाएगा लेकिन मोहम्मद अब्बास ने अपने अनुभव से मैच का पूरा रंग बदल दिया। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने 34 ओवर की लंबी गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 92 रन दिए और 5 बड़े विकेट झटक लिए। उनकी शानदार गेंदबाजी ने पाकिस्तान को मुकाबले में बनाए रखा।
शांतो और मिडिल ऑर्डर ढेर
मोहम्मद अब्बास ने बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो को भी अपना शिकार बनाया। शांतो ने शानदार 101 रन की कप्तानी पारी खेली थी और वह लगातार पाकिस्तानी गेंदबाजों पर दबाव बना रहे थे। इसके अलावा अब्बास ने लिटन दास और मेहदी हसन मिराज जैसे अहम बल्लेबाजों को भी पवेलियन भेजा। 36 साल की उम्र में भी जिस नियंत्रण और धैर्य के साथ उन्होंने गेंदबाजी की उसने फैंस को प्रभावित कर दिया। यह उनके टेस्ट करियर में छठी बार था जब उन्होंने एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा किया।
डेढ़ साल तक बाहर रखा गया
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि इतने अनुभवी गेंदबाज को आखिर इतने लंबे समय तक बाहर क्यों रखा गया। मोहम्मद अब्बास जनवरी 2025 के बाद से टेस्ट टीम से बाहर चल रहे थे। इस दौरान पाकिस्तान ने 4 टेस्ट मुकाबले खेले लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला। अब मीरपुर टेस्ट में शानदार वापसी के बाद सोशल मीडिया पर फैंस चयनकर्ताओं पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोग कह रहे हैं कि अगर अब्बास पहले से टीम में होते तो पाकिस्तान की गेंदबाजी इतनी कमजोर नजर नहीं आती।
बांग्लादेशी बल्लेबाजों का जलवा
बांग्लादेश की तरफ से कप्तान शांतो के अलावा मॉमिनुल हक ने 91 रन की बेहतरीन पारी खेली। वहीं अपना 39वां जन्मदिन मना रहे अनुभवी बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने भी 71 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। पाकिस्तानी गेंदबाज लगातार संघर्ष करते दिखाई दिए और विकेट लेने के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा। अब्बास के अलावा सिर्फ शाहीन शाह अफरीदी ही कुछ असर छोड़ पाए जिन्होंने 3 विकेट हासिल किए।
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अब्बास ने बढ़ाई उम्मीदें
फिलहाल मीरपुर टेस्ट में मोहम्मद अब्बास की वापसी पाकिस्तान क्रिकेट के लिए राहत की खबर बन गई है। जिस गेंदबाज को टीम ने लंबे समय तक नजरअंदाज किया वही अब सबसे बड़ा हथियार बनकर सामने आया है। अब फैंस की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट अब्बास को लगातार मौके देगा या फिर एक बार फिर उन्हें बाहर बैठा दिया जाएगा। लेकिन इतना तय है कि मीरपुर टेस्ट में अब्बास ने अपनी गेंदबाजी से सभी को जवाब दे दिया है।