उत्तर प्रदेश की ATS और पुलिस अब मोहम्मद अहमद खान की तलाश में जुटी है. वो फरार फाइनेंसर जिस पर आरोप है कि उन्होंने छांगुर बाबा के अवैध धर्मांतरण गिरोह का पूरा आर्थिक नेटवर्क संचालित किया. खान पर कई जिलों में मामले दर्ज हैं और माना जा रहा है कि वह बार-बार ठिकाने बदलकर पकड़ से बच रहा है. मोहम्मद अहमद खान को छांगुर बाबा का ATM कहा जा रहा है. यह वह शख्स है जो पूरे रैकेट की धनराशि ऑपरेट करता है. विदेशी फंडिंग से संपत्तियां तैयार करता है और कट्टरपंथी प्रशिक्षण केंद्र तक स्थापित करता है. एजेंसियां उसकी गिरफ़्तारी को अभी भी प्राथमिकता दे रही हैं, क्योंकि इससे इस नेटवर्क का मास्टरप्लान बेपर्दा हो सकता है.
कौन है मोहम्मद अहमद खान?
उत्तर प्रदेश ATS, एनआईए और ED समेत कई एजेंसियां मोहम्मद अहमद खान की तलाश में सक्रिय हैं. जो कथित रूप से छांगुर बाबा (जमालुद्दीन) के अवैध धर्मांतरण गिरोह का मुख्य फाइनेंसर और वित्तीय नेटवर्क संचालक माना जा रहा है. खान मूल रूप से बलरामपुर का रहने वाला है औरसक्रिय भूमाफिया बताया जा रहा है. वह छांगुर बाबा की आर्थिक रीढ़ है क्योंकि धर्मांतरण रैकेट में फंडिंग, विदेशी ट्रांजैक्शन और करोड़ों की संपत्ति इसी के जरिए जुटाई गई.
करोड़ों की संपत्ति और विदेशों से लिंक
खान के नाम महाराष्ट्र के पुणे- पिंपरी इलाके में करीब ₹100 करोड़ से अधिक की संपत्ति दर्ज है. एजेंसियों को शक है कि उसने वहां एक कथित प्रशिक्षण केंद्र भी बनाया, जहां कट्टरपंथी विचारों के साथ युवाओं को धर्मांतरण के लिए तैयार किया जाता था, जिसकी रणनीतिक गतिविधियों से भी जुड़े होने की आशंका है.
कई मामले हैं दर्ज
खान के खिलाफ लखनऊ, बलरामपुर, बहराइच समेत कई जिलों में गंभीर क्रिमिनल धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं. आरोप हैं कि उसने फर्जी दस्तावेज बनाए, करोड़ों रुपये की सम्पत्ति हथियाई, और फिर इन्हें धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया.
बार बार ठिकाने
एजेंसियों का मानना है कि खान बार-बार अपने ठिकाने बदलता रहा है, जिससे पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही. यूपी पुलिस, ATS और एजेंसियाँ लगातार उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में रेड कर रही हैं, ताकि इस गिरोह का असली आर्थिक नेटवर्क टूट सके.
गिरफ्तारी के बाद खुल सकते हैं बड़े राज़
छांगुर बाबा तो गिरफ्तार हो चुका है पर अभी पूरा नेटवर्क पकड़ा नहीं गया. एजेंसियों की उम्मीद है कि खान की गिरफ़्तारी से सारे विदेशी फंडिंग दस्तावेज, कई बड़े चेहरों और प्रतिष्ठित संपत्तियों का खुलासा हो सकेगा और यह पूरे गिरोह का आर्थिक सच सामने लाएगा.