भारतीय तेज गेंदबाज Mohammed Shami एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह क्रिकेट नहीं बल्कि चुनाव आयोग का नोटिस है। भारतीय चुनाव आयोग Election Commission of India ने शमी और उनके छोटे भाई मोहम्मद कैफ को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR की सुनवाई के लिए समन भेजा है। आयोग को दोनों भाइयों के जनगणना प्रपत्रों में कुछ तकनीकी विसंगतियां नजर आई हैं, जिसके चलते यह प्रक्रिया शुरू की गई है।
कहां के मतदाता हैं शमी और उनके भाई
मोहम्मद शमी और उनके भाई कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 93 के मतदाता हैं, जो रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। हालांकि शमी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा के रहने वाले हैं, लेकिन वह लंबे समय से कोलकाता में रह रहे हैं और घरेलू क्रिकेट में बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसी पते और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी की पुष्टि के लिए चुनाव आयोग ने सुनवाई तय की है।
5 जनवरी को क्यों नहीं हो सके पेश
चुनाव आयोग ने शमी और उनके भाई को 5 जनवरी को सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के सामने पेश होने का आदेश दिया था। लेकिन उस समय शमी विजय हजारे ट्रॉफी के मैचों में व्यस्त थे। बंगाल टीम के शेड्यूल के चलते उनके लिए उस दिन सुनवाई में शामिल होना संभव नहीं था।
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ECI को पत्र लिखकर मांगा समय
शमी ने अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं की जानकारी देते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा था। इसके बाद आयोग ने उनकी बात को स्वीकार करते हुए सुनवाई की नई तारीख तय कर दी। अब शमी और उनके भाई को 9 से 11 जनवरी के बीच SIR से जुड़ी सुनवाई में पेश होना होगा। उस समय तक बंगाल के ग्रुप मैच समाप्त हो चुके होंगे, जबकि क्वार्टरफाइनल मुकाबले 12 जनवरी से शुरू होने हैं।
तकनीकी खामियों से जुड़ा मामला
चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक यह मामला प्रोजेनी मैपिंग और सेल्फ मैपिंग में आई तकनीकी खामियों से जुड़ा है। आयोग का कहना है कि इस तरह की सुनवाई सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होती है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह सही और अपडेट रखना है।
मैदान पर प्रदर्शन के बावजूद टीम से बाहर
चुनाव आयोग के नोटिस के बीच शमी क्रिकेट के मैदान पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में उन्होंने बंगाल के लिए 5 मैचों में 11 विकेट लिए हैं। इससे पहले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा था। इसके बावजूद उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली, जिससे चयन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।