श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले जसप्रीत बुमराह चोट के कारण टीम से बाहर हो गए। उनकी जगह जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। पिछले दो रणजी ट्रॉफी सीजन में शानदार प्रदर्शन करने वाले आकिब को पहली बार टेस्ट टीम में मौका मिला है। चयनकर्ताओं के इस फैसले ने अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की वापसी को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।
शमी की वापसी पर बढ़े सवाल
35 वर्षीय मोहम्मद शमी लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे हैं। उन्होंने भारत के लिए आखिरी टेस्ट मैच 2023 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में खेला था, जबकि मार्च 2025 के बाद से कोई भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेल सके हैं। बुमराह के बाहर होने के बावजूद शमी को मौका नहीं मिलना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि चयनकर्ता अब युवा खिलाड़ियों पर ज्यादा भरोसा दिखा रहे हैं।
घरेलू क्रिकेट में लगातार किया दमदार प्रदर्शन
टीम से बाहर रहने के बावजूद मोहम्मद शमी ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। रणजी ट्रॉफी के पिछले सीजन में उन्होंने 7 मैचों में 37 विकेट अपने नाम किए, जिसमें तीन बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा भी शामिल रहा। इसके अलावा उन्होंने पूरे सीजन में 230 से ज्यादा ओवर गेंदबाजी की, जिससे उनकी मैच फिटनेस भी साबित होती है। आईपीएल 2026 में भी उन्होंने 13 मुकाबले खेले और 12 विकेट हासिल किए।
रिकॉर्ड आज भी मजबूत
मोहम्मद शमी का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड अब भी बेहद प्रभावशाली माना जाता है। उन्होंने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लिए हैं और छह बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया है। वनडे क्रिकेट में भी उनके नाम 108 मैचों में 206 विकेट दर्ज हैं। वह एकदिवसीय क्रिकेट में भारत के लिए सात विकेट लेने वाले इकलौते गेंदबाज हैं और सबसे ज्यादा 16 बार चार विकेट लेने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है।
इसे भी पढ़ें : क्या टीम इंडिया में खत्म हो गया Mohammed Shami का सफर? Aqib Nabi को मौका मिलने के बाद उठे सवाल
दलीप ट्रॉफी पर रहेंगी निगाहें
मोहम्मद शमी को दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट जोन टीम में शामिल किया गया है। अब उनकी कोशिश घरेलू क्रिकेट में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने की होगी। हालांकि, मौजूदा चयन और युवा खिलाड़ियों को मिल रहे लगातार अवसरों ने यह जरूर संकेत दिया है कि भारतीय टीम का तेज गेंदबाजी विभाग अब भविष्य की तैयारी पर अधिक फोकस कर रहा है।