टीम इंडिया के स्टार पेसर मोहम्मद शमी इन दिनों मैदान से ज़्यादा अपने निजी संघर्षों को लेकर खबरों में हैं. पहले तो चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम इंडिया की स्क्वॉड में जगह नहीं दी. जिससे क्रिकेट फैंस के साथ खुद शमी भी निराश दिखे. चोट से उभरने के बाद जिस धमाकेदार वापसी की उम्मीद थी, वो सेलेक्शन टेबल पर ही लड़खड़ा गई. लेकिन असली तूफ़ान तो इसके बाद आया… जब उनकी पत्नी हसीन जहां एक बार फिर कानूनी कार्रवाई लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गईं और शमी के लिए मुश्किलें दोगुनी कर दीं.
हसीन जहां की मांग
दरअसल हसीन जहां, जो बीते 7 साल से शमी से अलग रह रही हैं, अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुकी हैं. उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि उनका और बेटी का गुजारा भत्ता बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति माह किया जाए. फिलहाल कलकत्ता हाई कोर्ट ने शमी को 4 लाख रुपये देने का आदेश दिया था. 1.5 लाख हसीन जहां के लिए और 2.5 लाख उनकी बेटी के लिए. लेकिन हसीन जहां का दावा है कि शमी एक A-लिस्टेड क्रिकेटर हैं, जिनकी कथित नेट-वर्थ 500 करोड़ रुपये से अधिक है, ऐसे में 4 लाख रुपये बहुत कम हैं और उन्हें भी बाकी स्टार क्रिकेटर्स की पत्नियों की तरह उसी स्तर की जिंदगी जीने का अधिकार है.
जज ने पूछा, क्या 4 लाख भी काफी नहीं?
हसीन जहां की मांग सुनकर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत कोई आदेश नहीं दिया, बल्कि पलटकर उनके वकीलों से ही पूछ लिया क्या 4 लाख रुपये प्रति माह भी पीड़िता के लिए काफी नहीं है. कोर्ट ने शमी और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. गौरतलब है कि हसीन जहां ने 2018 में घरेलू हिंसा, प्रताड़ना और अवैध संबंधों के आरोप लगाते हुए शमी के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी. तब से लेकर अब तक मामला कोर्ट-कचहरी में चल रहा है, और अब ये नया मोड़ शमी के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है.
शमी की मुश्किलें बढ़ीं!
एक ओर शमी लगातार टीम इंडिया में वापसी का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह नया कानूनी विवाद उन्हें फिर चर्चाओं में ले आया है. क्रिकेट से दूर, ट्रेनिंग में व्यस्त शमी पर अब घर का मामला भी भारी पड़ता दिख रहा है। पहले सेलेक्शन न मिलना, फिर 10 लाख रुपये महीने के भत्ते की मांग अब हसीन जहां ने कर दी है, अब अगली सुनवाई में क्या फैसला आता है, यह देखना दिलचस्प होगा