Mohammed Siraj : टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींच लिया है। जहां दुनिया भर के खिलाड़ी लगातार मैच खेलने और बढ़ते वर्कलोड की शिकायत करते हैं, वहीं सिराज का कहना है कि लंबे ब्रेक उनके लिए परेशानी बन जाते हैं। उनके मुताबिक, दो महीने का आराम उनकी गेंदबाजी लय पर भारी पड़ गया और इसका असर श्रीलंका दौरे पर साफ दिखाई दिया।
श्रीलंका दौरे में दिखी कमजोरी
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में सिराज अपनी पहचान के अनुरूप नजर नहीं आए। उनकी गेंदों में न तो पहले जैसी रफ्तार थी और न ही स्विंग और मूवमेंट। बल्लेबाज आसानी से उनके खिलाफ रन बना रहे थे। आमतौर पर 140 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास गेंदबाजी करने वाले सिराज की गति कई मौकों पर 120 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक सिमट गई थी। इससे विपक्षी बल्लेबाजों को उन्हें खेलने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई।
खुद बताई असली वजह
दलीप ट्रॉफी फाइनल के बाद सिराज ने बताया कि उनका शरीर लंबे आराम का आदी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह लय पर निर्भर गेंदबाज हैं और जब उनकी लय टूटती है तो गेंदबाजी पर सीधा असर पड़ता है। उनके अनुसार, लंबे ब्रेक के बाद रनअप असंतुलित हो जाता है। कुछ कदम छोटे पड़ते हैं तो कुछ ज्यादा लंबे हो जाते हैं, जिससे गेंद हाथ से सही तरीके से नहीं निकलती और गति भी कम हो जाती है।
दस साल में पहली बार मिला इतना आराम
सिराज ने बताया कि अपने करीब दस साल के क्रिकेट करियर में उन्होंने कभी लगातार दो महीने का लंबा ब्रेक नहीं लिया था। इस दौरान उन्होंने फिटनेस पर काम किया, जिम में समय बिताया और अभ्यास भी किया, लेकिन मैच जैसी परिस्थितियों की भरपाई नहीं हो सकी। उनका मानना है कि नेट अभ्यास और वास्तविक मुकाबले की तीव्रता में बड़ा अंतर होता है, जिसका असर उनकी गेंदबाजी पर दिखाई दिया।
दलीप ट्रॉफी में लौटी रफ्तार
दलीप ट्रॉफी फाइनल में शुरुआत में सिराज संघर्ष करते दिखे, लेकिन उन्होंने लगातार लंबे स्पेल फेंके। ईस्ट जोन के बल्लेबाजों, खासकर ईशान किशन ने उनके खिलाफ खूब रन बनाए, फिर भी सिराज ने धैर्य नहीं छोड़ा। धीरे-धीरे उनका रनअप बेहतर हुआ और गेंदबाजी में पुरानी धार लौटने लगी। मैच के दौरान उनकी गति बढ़कर 135 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास पहुंच गई और गेंद पिच से हरकत भी करने लगी।
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आगे की सीरीज पर नजर
सिराज का मानना है कि यह अनुभव उनके लिए एक बड़ी सीख साबित होगा। उन्होंने स्वीकार किया कि हर खिलाड़ी का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है और उन्हें अपनी तैयारी उसी हिसाब से करनी होगी। दलीप ट्रॉफी में लय मिलने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द ही अपनी पुरानी रफ्तार और धार हासिल कर लेंगे। आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में टीम इंडिया को भी उनसे उसी आक्रामक और प्रभावी गेंदबाजी की उम्मीद रहेगी, जिसके लिए वह पहचाने जाते हैं।