Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली सामग्री को लेकर कहा है कि दर्शकों को खुद तय करना चाहिए कि वे क्या देखना चाहते हैं। उनका कहना था कि डिजिटल मंचों पर विविध प्रकार की सामग्री उपलब्ध है, जिनमें धार्मिक, सांस्कृतिक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम भी शामिल हैं। इसलिए चयन की जिम्मेदारी अंततः व्यक्ति के विवेक पर ही निर्भर करती है।
मेरठ में दिया बयान
मेरठ में एक कार्यक्रम के दौरान भागवत ने कहा कि समाज को अपनी रुचि और मूल्यों के अनुसार सामग्री का चयन करना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे समय का सदुपयोग करें और सकारात्मक विषयों को प्राथमिकता दें। उनका संकेत था कि दर्शक अगर चाहें तो बेहतर और उपयोगी कंटेंट को बढ़ावा दे सकते हैं।
अश्लील सामग्री पर उठी आपत्ति
इस मुद्दे पर बहस तब तेज हुई जब भाजपा की नेता चित्रा वाघ ने कुछ वेब सीरीज पर आपत्ति जताई। उन्होंने अभिनेता एजाज खान से जुड़ी एक वेब सीरीज पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। वाघ का तर्क था कि इस प्रकार की सामग्री बच्चों और समाज पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
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केंद्र की कार्रवाई, सख्ती के संकेत
केंद्र सरकार की ओर से पहले भी कुछ ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की जा चुकी है। अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के आरोप में कई मंचों को ब्लॉक किया गया था। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने संसद में जानकारी दी थी कि नियमों के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट की चिंता, नियमन पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने भी सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित सामग्री को लेकर चिंता जताई है। अदालत ने केंद्र से पूछा था कि ऐसे मंचों के नियमन के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इस पूरे मुद्दे ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन पर नई बहस छेड़ दी है।