भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और वन्यजीव संरक्षण पर बड़े निर्णय लिए गए। ओबीसी छात्रों के लिए दिल्ली में पढ़ाई हेतु आर्थिक सहायता, पीजी सीटों में बढ़ोतरी और कई विकास योजनाओं को हरी झंडी दी गई, जिससे प्रदेश की दिशा में नए बदलाव की उम्मीद बढ़ी है।
शिक्षा में बड़ा फैसला, छात्रों को राहत
कैबिनेट बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में अहम निर्णय लिया गया है। ओबीसी वर्ग के छात्रों को दिल्ली में पढ़ाई के लिए 10 हजार रुपये की शिष्यवृत्ति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में पीजी सीटें बढ़ाने का भी फैसला लिया गया है, जिससे मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में अवसर बढ़ेंगे।
स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए फंड मंजूर किया गया है। पीजी सीटों में वृद्धि से मेडिकल छात्रों को अधिक अवसर मिलेंगे और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।
सिंचाई और विकास परियोजनाओं को मंजूरी
लोक निर्माण विभाग की 53 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं को कैबिनेट ने हरी झंडी दी है। इससे सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी। सिंचाई से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
कृषि और गेहूं उपार्जन पर बड़ा अपडेट
राज्य में गेहूं उपार्जन अभियान तेजी से चल रहा है और अब तक 20 लाख टन से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। सरकार ने 100 लाख टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों के अनुसार बारदाने की कोई कमी नहीं है और किसानों से नियमित खरीद जारी है।
वन्यजीव संरक्षण और अन्य फैसले
वन्यजीव संरक्षण के तहत कान्हा टाइगर रिजर्व में एशियाई वाइल्ड भैंसों को छोड़ा गया है। यह कदम राज्य में जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा कई योजनाओं की निरंतरता और नारी शक्ति संकल्प जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है।