मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं, जो शिक्षा, ग्रामीण विकास और सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे। छात्रों को लैपटॉप और साइकिल वितरण से लेकर आदर्श ग्राम की स्थापना और भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के कैंपस की मंजूरी जैसे कई बड़े प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है। इसके साथ ही प्रदेश के 1766 जर्जर पुलों के पुनर्निर्माण व अनुसूचित जनजातियों के लिए नए कार्यालयों की स्थापना का भी ऐलान हुआ है।
4 जुलाई को मिलेगा छात्रों को लैपटॉप
राज्य सरकार 4 जुलाई को एक विशेष कार्यक्रम में छात्रों को लैपटॉप बांटेगी। इसके साथ ही छात्राओं को साइकिल वितरण भी किया जाएगा। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री मौजूद रहेंगे।
आदर्श गांव बनाए जाएंगे ‘वृंदावन ग्राम’
‘मुख्यमंत्री ग्राम वृंदावन योजना’ को मंजूरी दी गई है। योजना के तहत हर विधानसभा से एक गांव का चयन होगा, जिसकी जनसंख्या लगभग 2000 होगी और वहां 500 गौवंश रखे जाएंगे। इन गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां सड़क, स्ट्रीट लाइट, अस्पताल, स्कूल और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं होंगी। जैविक खेती और आजीविका आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
भोपाल में खुलेगा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय
भोपाल में रक्षा विश्वविद्यालय के कैंपस को मंजूरी मिल गई है। जब तक इसके भवन का निर्माण नहीं होता, तब तक इसका संचालन एक तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर से किया जाएगा। इससे युवाओं को रक्षा क्षेत्र में करियर की नई संभावनाएं मिलेंगी।
1766 पुलों का होगा पुनर्निर्माण
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1766 क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत और निर्माण का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 4572 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। यह कार्य आगामी 5 वर्षों में पूरा होगा।
अनुसूचित जाति-जनजाति कार्यालयों को मिली मंजूरी
पांढुर्णा, मैहर और मऊगंज में अनुसूचित जाति-जनजाति कार्यालय खोलने के लिए 3 करोड़ 81 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा 1266 फोरेंसिक विशेषज्ञों के नए पद सृजित किए जाएंगे, जो नए अपराध संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन में मदद करेंगे।