मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों और कर्मचारियों से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगा दी है। जहां एक ओर नई पेंशन योजना को स्वीकृति मिली, वहीं दूसरी ओर वर्ष 2026 के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य तय कर दिया गया है। आगामी बजट सत्र और कृषि केंद्रित कैबिनेट बैठक को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत दिए गए हैं।
गेहूं समर्थन मूल्य पर सरकार की मुहर
कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि वर्ष 2026 के लिए गेहूं 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। इसके साथ ही किसानों को 15 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जाएगा, जिससे प्रभावी कीमत 2600 रुपये तक पहुंच जाएगी। इस फैसले को खेती-किसानी के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
खरीदी प्रक्रिया और पंजीयन की तैयारी
प्रदेश में 7 फरवरी से गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन शुरू हो चुका है, जो 7 मार्च तक चलेगा। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही खरीदी की तारीखों की औपचारिक घोषणा की जाएगी। जिलों के कलेक्टरों को केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इस बार कुल 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो।
नई पेंशन योजना पर सहमति
बैठक में नई पेंशन योजना को लेकर भी प्रस्तावों पर चर्चा हुई और उसे मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर स्थायित्व और भरोसा बढ़ेगा। वित्त विभाग ने मंत्रियों के सामने बजट से जुड़ा विस्तृत प्रेजेंटेशन भी दिया, जिससे आगामी योजनाओं की दिशा तय की जा सके।
बजट सत्र और वित्तीय तैयारी
16 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने वाला है, जबकि 18 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। इसे लेकर मंत्रिमंडल के स्तर पर मंथन हुआ और विभिन्न विभागों की प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। सरकार विकास कार्यों, कृषि और सामाजिक योजनाओं को केंद्र में रखकर बजट तैयार करने पर जोर दे रही है।
बालाघाट में होगी कृषि केंद्रित कैबिनेट बैठक
सरकार की अगली कैबिनेट बैठक बालाघाट जिले में आयोजित करने पर भी सहमति बनी है। यह बैठक कृषि को समर्पित होगी और जिले के समग्र विकास से जुड़े फैसलों पर फोकस रहेगा। हालांकि तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री के हालिया दौरे के बाद इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया है।