मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार ने अपने दो साल पूरे होने पर कामकाज की विस्तृत रिपोर्ट जनता के सामने रखी। राजधानी भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार, उद्योग एवं रोजगार वर्ष की सफल पहल, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और सामाजिक–आर्थिक योजनाओं को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। सीएम ने स्पष्ट कहा—“हमने जो वादा किया है, उसे पूरा करके ही दम लेंगे। प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना हमारा संकल्प है।”
नक्सल मुक्त मध्य प्रदेश पर सीएम का फोकस
दो साल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने सबसे पहले नक्सलवाद पर मिली बड़ी सफलता का विवरण दिया। उन्होंने कहा कि दशकों से प्रभावित बालाघाट, मंडला और डिंडोरी क्षेत्रों में भारी चुनौतियों के बावजूद सरकार ने कड़ाई से अभियान चलाया। आधुनिक उपकरण, मजबूत रणनीति और समन्वित कार्रवाई के चलते नक्सल गतिविधियों में तेजी से गिरावट आई। सीएम ने यह भी बताया कि पहले नक्सलियों में आत्मसमर्पण की होड़ लग गई थी, जिसका असर जमीनी स्तर पर साफ दिख रहा है।
सिंहस्थ 2028 को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 को मध्य प्रदेश का “वैभवशाली आयोजन” बताया। उन्होंने कहा कि नदी जोड़ो अभियान की बदौलत अब शिप्रा नदी में स्थायी जल उपलब्ध होगा। 2028 में श्रद्धालु सीधे शिप्रा के पवित्र जल में स्नान कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि धार्मिक पर्यटन को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने के लिए सरकार लगातार परियोजनाओं पर काम कर रही है।
2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष: नए निवेश का दौर
सीएम के अनुसार, वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। पहली बार कई बड़े उद्योग समूहों ने ग्वालियर, जबलपुर और अन्य शहरों में निवेश में रुचि दिखाई। ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं और प्रधानमंत्री मेगा टेक्सटाइल पार्क की पहली सौगात भी राज्य को मिली। वहीं GIS आधारित सुविधाओं के कारण भोपाल को नई पहचान मिली है। इससे रोजगार और औद्योगिक विकास की संभावनाएँ बढ़ी हैं।
सामाजिक योजनाओं में तेजी—लाडली बहना राशि बढ़ी
मुख्यमंत्री ने बताया कि लाडली बहना योजना का दायरा बढ़ाते हुए मासिक राशि को 1500 रुपये कर दिया गया है। गौ संरक्षण के लिए सहायता राशि 40 रुपये की गई, जबकि दूध उत्पादन को 9 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलगंगा अभियान, सायबर तहसील, और बीहड़ क्षेत्रों में सोलर ऊर्जा जैसी पहलें प्रदेश में विकास की नई दिशा तय कर रही हैं।
किसानों और युवाओं के लिए बड़े कदम
सरकार ने किसानों को आर्थिक राहत देते हुए गेहूं का समर्थन मूल्य 2600 रुपये और सोयाबीन के लिए भावांतर योजना को मजबूत किया है। वहीं शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में 55 एक्सीलेंस कॉलेज और कई मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। पर्यटन सेक्टर को उड़ान देने के लिए हेली सेवा की शुरुआत तथा 19 स्थानों पर शराब की दुकानों को बंद करने जैसे निर्णय सामाजिक सुधारों की दिशा में अहम कदम हैं।